सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को मोदी सरकार ने दी सर्वोच्च प्राथमिकता: किरेन रिजिजू
नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को सीमावर्ती इलाकों के विकास को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दशकों तक देश के सीमावर्ती क्षेत्रों की उपेक्षा की गई, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन इलाकों के विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। रिजिजू ने यह बात ऐसे समय कही है, जब अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की कथित घुसपैठ को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा चल रही है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से हाल में अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के दाखिल होने संबंधी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर बात करना आसान है, लेकिन वास्तविक सीमावर्ती इलाकों में जाकर वहां काम करना काफी मुश्किल है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और वहां विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में अरुणाचल प्रदेश के माझा, गैलेमो और टक्सिंग क्षेत्रों में अपने दौरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों का दौरा कर उन्होंने बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों की प्रगति को देखा और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रयास किए। रिजिजू ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सड़क, संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास देश की सुरक्षा और स्थानीय लोगों की जरूरतों, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
रिजिजू ने कहा कि पहले देश की सीमाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सीमा से लगे इलाकों के विकास को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और इन क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों से मजबूत संपर्क देना सरकार की जिम्मेदारी है।
केंद्रीय मंत्री ने सीमा पर आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर कांग्रेस की पिछली सरकारों की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। रिजिजू के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में मजबूत सड़क और अन्य सुविधाएं न केवल स्थानीय आबादी के लिए जरूरी हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर का एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। इसकी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा चीन से लगती है। ऐसे में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को केंद्र सरकार लगातार सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था से जोड़कर देखती रही है। रिजिजू ने भी अपने बयान में इसी व्यापक दृष्टिकोण पर जोर दिया।
चीनी सेना के कथित रूप से अरुणाचल प्रदेश में दाखिल होने संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि सीमा से जुड़े मामलों पर बिना तथ्यों के बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक परिस्थितियां अलग होती हैं और वहां विकास कार्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि सरकार इन चुनौतियों के बावजूद काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रिजिजू ने सीमावर्ती क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों को स्थानीय आबादी के जीवन से भी जोड़ा। उनका कहना है कि इन इलाकों में सड़क, परिवहन और अन्य सुविधाओं का विस्तार होने से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार से जुड़े अवसरों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। साथ ही, बेहतर संपर्क से दूरदराज के गांवों को मुख्य क्षेत्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री के बयान में राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के बीच संबंध पर भी जोर दिखाई दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा मजबूत होने से सुरक्षा बलों की आवाजाही और आवश्यक संसाधनों की पहुंच आसान होती है। इसके अलावा, सीमावर्ती गांवों में लोगों की मौजूदगी और बेहतर नागरिक सुविधाएं भी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
रिजिजू ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में काम करना मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक कठिन होता है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम और सीमित संपर्क सुविधाओं के कारण वहां निर्माण परियोजनाओं को पूरा करने में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आती हैं। इसके बावजूद सरकार ने इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने पर जोर दिया है।
उनके बयान के बाद सीमा विकास और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक बहस फिर तेज हो सकती है। केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, जबकि विपक्ष कई बार सीमा सुरक्षा और चीन से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता रहा है।
रिजिजू ने अपने बयान के जरिए सरकार की सीमा नीति और विकास कार्यों का बचाव करते हुए पिछली कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों की उपेक्षा के बाद अब सीमावर्ती क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उनके मुताबिक, सीमाओं की सुरक्षा केवल सैन्य व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत आधारभूत ढांचा और वहां रहने वाले नागरिकों का विकास भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कुल मिलाकर, रिजिजू का बयान अरुणाचल प्रदेश में सीमा संबंधी हालिया आरोपों के साथ-साथ सीमावर्ती विकास को लेकर केंद्र सरकार की नीति को सामने रखता है। उन्होंने एक ओर चीनी सेना के कथित प्रवेश के आरोपों को खारिज किया, वहीं दूसरी ओर सीमा क्षेत्रों में विकास को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। साथ ही, कांग्रेस की पिछली नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों को अब विकास के लिहाज से सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।