एनसीआर नॉएडा न्यूज़: दिल्ली से सटे नोएडा में सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड के दोनों टावर (एपेक्स सियान) को ध्वस्त करने से पहले 25 अगस्त को पुलिस, प्राधिकरण, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, दमकल विभाग और एडफिस कंपनी की ओर से माक ड्रिल होगी। इसमें यातायात पुलिस, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ध्वस्तीकरण से पहले आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की घटना होने पर तुरंत स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जा सके। दोनों टावर में 13 अगस्त से विस्फोटक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 15 दिन में विस्फोटक लगाने का कार्य पूरा करने के बाद 28 अगस्त को दोनों टावर को ध्वस्त किया जाएगा।

कंपनी प्रबंधन ने बताया कि विस्फोट से पहले 25 अगस्त को माक ड्रिल की योजना बनाई जा रही है। इसमें टावरों के आसपास सुरक्षा उपायों के साथ-साथ आंतरिक सडक़ों और पास के नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रबंधन शामिल होगा। इसमें देखा जाएगा कि जिन मार्गों पर रूट डायवर्जन किया जा रहा है और जहां यातायात रोका जा रहा है, वहां किस प्रकार की स्थितियां बन रही हैं और इसे किस तरह से और बेहतर किया जा सकता है। माक ड्रिल के दौरान एंबुलेंस, फायर टेंडर, पर्याप्त पानी के स्प्रे और अन्य आपातकालीन सेवाओं की तैनाती की तैयारी और व्यवस्था को भी परखा जाएगा। अंतिम विस्फोट के लिए आवश्यक विस्फोटकों की मात्रा 3700 किलोग्राम आंकी गई है। इसे 100 मीटर के दो टावरों के पिलर में ड्रिल किए गए छेदों में लगाया जा रहा है।

500 से अधिक पुलिसकर्मी होंगे तैनात: 28 अगस्त को दोनों टावर के ध्वस्तीकरण के दिन टावर के आसपास 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा यातायात को लेकर 150 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मांग की है, ताकि सभी डायवर्ट किए गए और बाकी रूट पर कड़ी नजर रखी जा सके। विस्फोट वाले दिन नोएडा एक्सप्रेस-वे को 30 मिनट के लिए बंद किया जाएगा। वहीं माक ड्रिल के दौरान भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर भी यातायात को आधे घंटे के लिए रोका जाएगा।

टावर को ध्वस्त करने के लिए बनाया गया सुरक्षा घेरा: सुपरटेक के दोनों टावर को ध्वस्त करने के लिए एडफिस इंजीनियरिग ने एक्सक्लूसन जोन (सुरक्षा घेरा) बनाया है। ये प्लान 28 अगस्त के लिए तैयार किया गया है। इस पूरे जोन को सात हिस्सों बांटा गया है। दोनों टावरों के दायीं और बायीं ओर 250 मीटर, एमराल्ड कोर्ट और एटीएस ग्रींस विलेज, 450 मीटर आगे (नोएडा प्राधिकरण पार्क को कवर करते हुए) और 270 मीटर पीछे एमराल्ड कोर्ट की ग्रीन बेल्ट तक कवर किया गया है। इसके अलावा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन तक इस घेरे को बनाया गया है। इस जोन का एक मानचित्र भी जारी किया जाएगा, जिसे नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा।

आधे घंटे के लिए एक्सप्रेस-वे रहेगा बंद: विस्फोट के 15 मिनट पहले और 15 मिनट बाद तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को बंद किया जाएगा। इसकी दो वजह है कि विस्फोट के दौरान यदि हवा की दिशा एक्सप्रेस-वे की ओर होती है तो धूल का बहाव उधर जाएगा तो उस समय वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। एक्सप्रेस-वे को अगर बंद नहीं किया जाता है, तो वहां वाहनों की कतार लगने के कारण और टावर टूटने के दौरान दुर्घटना हो सकती है।

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