
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में रेलवे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य रेलवे यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना है, जिसके तहत रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। रेल मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2004 से 2014 के बीच केवल 4,148 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया गया था।
जबकि 2014 से 2024 के बीच यह संख्या बढ़कर 11,945 तक पहुंच गई। इस तरह, ROBs और RUBs के निर्माण में 2.9 गुना वृद्धि हुई है, जो देश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2014-2024 के दौरान रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण में 2.9 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
तेज गति से हो रहा रेलवे ब्रिजों का निर्माण
जहां 2004-2014 के दशक में केवल 4,148 ROBs/RUBs का निर्माण हुआ था, वहीं 2014-2024 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 11,945 हो गया। इससे रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने में मदद मिली है। सरकार ने रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे हादसों में आई है। साथ ही, ROBs और RUBs के निर्माण से सड़क यातायात को भी राहत मिली है। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में इस गति को और तेज किया जाएगा, ताकि देश के रेल नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाया जा सके। कमी
रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा और सुगम यातायात को प्राथमिकता
भारतीय रेलवे के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। कई बार बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंग के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं, जिससे यात्रियों और राहगीरों की सुरक्षा को खतरा बना रहता था। मोदी सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए ROBs और RUBs के निर्माण की गति को तेज किया, जिससे सड़क और रेलवे यातायात को अधिक सुगम बनाया जा सके।
रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण से होने वाले लाभ:
सड़क यातायात में सुधार: रेलवे फाटकों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
यात्रा की सुरक्षा: रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी।
समय की बचत: लोगों को फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे यातायात सुगम होगा।
आर्थिक विकास में योगदान: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार का प्रयास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में रेलवे के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी है। सरकार के प्रयासों के कारण रेलवे नेटवर्क में नए ट्रेनों का संचालन, ट्रैक का विस्तार, हाई-स्पीड ट्रेनों का विकास और रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में रेलवे क्रॉसिंग पर ROBs और RUBs के निर्माण की गति को और तेज किया जाएगा, ताकि देश के रेल नेटवर्क को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाया जा सके। यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा में बढ़ोतरी करेगी, बल्कि भारतीय रेलवे को एक नए युग में ले जाने में भी सहायक साबित होगी।