Delhi दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को TERI के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया और इस अवसर पर ‘हिम-कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म का भी उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में कार्यरत शोधकर्ताओं को स्टार्ट-अप, निवेशक और नीति निर्माताओं से जोड़ना है।
भूपेंद्र यादव ने शिखर सम्मेलन में कहा कि हिमालय केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और सामाजिक आर्थिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का केंद्र है। हिमालयी क्षेत्रों में काम करने वाले शोधकर्ता और नवप्रवर्तनकर्ता क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
‘हिम-कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और नीति संबंधी सहयोग मिलेगा। यह मंच निवेशकों और नीति निर्माताओं को भी सीधे हिमालयी अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने का काम करेगा। इसके जरिए हिमालयी क्षेत्रों में स्थायी विकास के लिए नवाचार और वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक रूप में लागू करना आसान होगा।
TERI के कार्यक्रम में पर्यावरण, जलवायु और सतत विकास से जुड़े अनेक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता शामिल हुए। उन्होंने हिमालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर विचार-विमर्श किया। मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल हिमालयी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।
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