मंत्री अमित शाह ने लाल किले पर गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस कार्यक्रम में भाग लिया
Delhi दिल्ली। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर सोमवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश के नौवें सिख गुरु के बलिदान को नमन किया। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरु तेग बहादुर जी को ‘त्याग और बलिदान की अमर मिसाल’ बताते हुए कहा कि उनका जीवन मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की रक्षा के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 350 वर्ष पहले था। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में उनका योगदान अद्वितीय है।
इस अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक समारोह में सिख संतों, विद्वानों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कीर्तन और अरदास के साथ हुई, जिसमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और उनके अतुलनीय बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उनके संघर्ष, आध्यात्मिक संदेश और मुगल शासन के दौरान कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
अमित शाह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिया गया बलिदान दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में आयोजित हो रहे वर्षभर के कार्यक्रमों को पूरे गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है।
लाल किले पर आयोजित यह आयोजन देशभर में मनाए जा रहे 350वें शहादत दिवस वर्ष के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक रहा। समारोह का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, सामाजिक सौहार्द बढ़ाना और विविधता में एकता को मजबूत करना था। दिल्ली में हुए इस बड़े श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से गुरु तेग बहादुर के अमर बलिदान और मानवता के लिए उनके योगदान को पुनः स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों ने भी लाल किले पर आयोजित इस अवसर को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताया।