नई दिल्ली। दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा के निर्माणाधीन एनिमल शेल्टर को तोड़े जाने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के अगले ही दिन संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले ने पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की सुरक्षा, सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही और निर्माण कार्यों में अपनाई जाने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।जागृति मिश्रा घायल और बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए शेल्टर और निःशुल्क पशु चिकित्सा केंद्र तैयार कर रही थीं। उनका आरोप है कि निर्माण स्थल की चारदीवारी को बिना पूर्व सूचना के तोड़ दिया गया, जिससे परिसर को नुकसान पहुंचा। मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को उनसे मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए थे जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने और जिला प्रशासन को जागृति मिश्रा को एनिमल शेल्टर स्थापित करने में आवश्यक सहायता देने को कहा था।मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री राहत कोष से जागृति मिश्रा को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा था कि नागरिकों के उत्पीड़न और सरकारी अधिकारों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
जागृति मिश्रा के अनुसार, वह घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल और निःशुल्क पशु चिकित्सा केंद्र तैयार कर रही थीं। इसी दौरान शुक्रवार को कुछ लोग जेसीबी मशीन लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे और वहां की चारदीवारी को तोड़ दिया।मिश्रा का आरोप है कि इस कार्रवाई से पहले उन्हें कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि निर्माण कार्य रोकने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई थी। उनके मुताबिक, रिश्वत देने से इनकार करने के बाद कार्रवाई की गई।हालांकि, रिश्वत मांगने और निर्माण स्थल पर कार्रवाई की परिस्थितियों से संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में जागृति मिश्रा कथित कार्रवाई पर सवाल उठाती दिखाई दीं। इसके बाद पशु कल्याण से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा बढ़ी।मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से हस्तक्षेप किया गया। उन्होंने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जांच करने और संबंधित पक्षों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए।
निलंबन के बाद जांच पर नजर
जूनियर इंजीनियर के निलंबन की कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच में यह पता लगाना आवश्यक होगा कि निर्माण स्थल पर कार्रवाई किस आदेश के तहत की गई, क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ और संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही।साथ ही, निर्माणाधीन शेल्टर की वैधानिक स्थिति, भूमि से जुड़े दस्तावेजों और आवश्यक अनुमतियों की भी जांच की जा सकती है। इससे पूरे मामले की परिस्थितियां स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।दिल्ली नगर निगम की ओर से संबंधित अधिकारी के निलंबन के विशिष्ट आदेश का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए निलंबन के कारणों और औपचारिक आदेश का विवरण सामने आने के बाद ही कार्रवाई से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
पशु आश्रय दोबारा शुरू करने में मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जागृति मिश्रा की सहायता करने और एनिमल शेल्टर स्थापित करने में जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के आश्वासन का उद्देश्य भी इस घटना के बाद उन्हें राहत देना बताया गया है।अब मामले में प्रशासनिक जांच, पुलिस की कार्रवाई और शेल्टर को दोबारा तैयार करने के प्रयास महत्वपूर्ण होंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।