नई दिल्ली। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले सोना खरीदने वालों के लिए राहत की खबर सामने आई है। लगातार तेजी के बाद अब सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बुलियन बाजार में मंगलवार को सोने के भाव में नरमी देखने को मिली, जिससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है।
देश में 22 कैरेट सोने का भाव करीब **1,49,220 रुपये प्रति 10 ग्राम** तक पहुंच गया है, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत करीब **1,62,910 रुपये प्रति 10 ग्राम** दर्ज की गई। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के मार्जिन के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
रक्षाबंधन से पहले ग्राहकों को मिली राहत
रक्षाबंधन के मौके पर देशभर में सोने और चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है। लोग बहनों के लिए गिफ्ट, सोने के सिक्के, अंगूठी, चेन और अन्य आभूषण खरीदते हैं। ऐसे समय में कीमतों में आई गिरावट ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है।
हालांकि, पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली थी। महंगे भाव के कारण कई खरीदार खरीदारी टाल रहे थे। अब कीमतों में नरमी आने से बाजार में एक बार फिर ग्राहकों की हलचल बढ़ने की उम्मीद है।
एक हफ्ते में तेजी के बाद आई गिरावट
सोने के भाव में गिरावट से पहले पिछले एक सप्ताह में बड़ी तेजी देखने को मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, बीते एक हफ्ते में सोने की कीमत करीब 8 हजार रुपये तक बढ़ गई थी। इसके बाद मंगलवार को तेजी पर ब्रेक लगा और कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रमों से प्रभावित होती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में भी इसमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
यूपी-बिहार-दिल्ली में कैसा है भाव?
देश के बड़े बाजारों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में सोने की कीमतें स्थानीय सर्राफा बाजार के हिसाब से तय होती हैं।
दिल्ली में सोने की मांग हमेशा मजबूत रहती है। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में भी त्योहारों के समय सोने की खरीदारी बढ़ जाती है।
बिहार में पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में भी रक्षाबंधन से पहले ज्वेलरी बाजार में तेजी देखने को मिलती है।
सोने की कीमत क्यों बदलती है?
सोने के भाव में रोजाना बदलाव कई कारणों से होता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं:
* अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत
* डॉलर और रुपये की मजबूती
* अमेरिका की ब्याज दरों से जुड़े फैसले
* वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता
* घरेलू बाजार में मांग और आपूर्ति
जब दुनिया में आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित होते हैं। इससे कीमतों में तेजी आ सकती है।
निवेशकों के लिए भी अहम समय
सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है। कई लोग आभूषण के अलावा सोने के सिक्के, गोल्ड बॉन्ड और अन्य माध्यमों से भी निवेश करते हैं।
हालांकि, निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप रक्षाबंधन पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
* हमेशा हॉलमार्क वाला सोना खरीदें।
* खरीदारी करते समय पक्का बिल जरूर लें।
* सोने की शुद्धता जरूर जांचें।
* मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क की जानकारी लें।
* अलग-अलग दुकानों पर कीमत की तुलना करें।
क्या आगे और सस्ता होगा सोना?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों का अनुमान लगाना आसान नहीं है। वैश्विक बाजार की स्थिति और आर्थिक घटनाओं के आधार पर भाव ऊपर या नीचे जा सकते हैं।
अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ता है तो सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, किसी बड़े वैश्विक संकट की स्थिति में फिर से तेजी आ सकती है।
त्योहारों में बढ़ सकती है मांग
रक्षाबंधन के बाद देश में त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है। इसके बाद गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली जैसे बड़े त्योहार आते हैं। इस दौरान सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
ज्वेलर्स को उम्मीद है कि अगर कीमतें नियंत्रण में रहती हैं तो आने वाले महीनों में बिक्री में सुधार देखने को मिल सकता है।