New दिल्ली : दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने की। इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा शामिल हुए।बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक कार्य-आधारित योजना तैयार की गई है। इस दौरान दिल्ली और NCR क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।
प्रदूषण कम करने के लिए तैयार होगी रणनीति
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि बैठक में दिल्ली और NCR में प्रदूषण की स्थिति और उससे निपटने के उपायों पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि पूरे NCR क्षेत्र में समन्वित प्रयास की जरूरत है।उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की भूमिका क्या होगी और किस तरह मिलकर प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में केंद्र सरकार और NCR क्षेत्र से जुड़े राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जो केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है।ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों और विभागों के बीच समन्वय जरूरी माना जाता है।
कार्य योजना पर हुई चर्चा
सिरसा ने बताया कि बैठक में कार्य-उन्मुख योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत प्रदूषण के प्रमुख कारणों की पहचान कर उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।प्रदूषण नियंत्रण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कदम उठाने की जरूरत होती है, जिनमें वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और अन्य कारण शामिल हैं।बैठक में इन मुद्दों पर भी विचार किया गया और जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा हुई।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण बड़ी चुनौती
दिल्ली और NCR में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं, जिनमें मौसम की परिस्थितियां, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला प्रदूषण शामिल हैं।इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर विभिन्न कदम उठाती रही हैं।
पर्यावरण मंत्री ने साझा की जानकारी
बैठक के बाद मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।उन्होंने बताया कि बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और वह स्वयं शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदमों की योजना बनाना था।
आने वाले समय में लागू होंगे कदम
बैठक में तैयार की गई कार्य योजना के आधार पर आगे संबंधित विभागों की ओर से कदम उठाए जाने की संभावना है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय लागू किए जाएं।दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लगातार बैठकों का दौर चलता रहा है। आने वाले समय में इस योजना के तहत उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सभी क्षेत्रों के सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच हुई यह बैठक इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है।