नई दिल्ली। संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान राम मंदिर चढ़ावे का उपहास उड़ाकर हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया गया।
बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली के डीसीपी से मिला और पूरे मामले की शिकायत करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। भाजपा की ओर से पुलिस को डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि शिकायत सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर की गई है।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन किसी की धार्मिक आस्था और संस्कृति का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने सनातन संस्कृति और हिंदुओं की भावनाओं का मजाक बनाया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
भाजपा का आरोप है कि संसद भवन परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में विपक्षी सांसदों द्वारा किया गया प्रदर्शन केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियां भी शामिल थीं। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान संत समाज और सनातन परंपराओं का भी उपहास किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि यह मामला किसी सुनी-सुनाई बात पर आधारित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया कवरेज और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने की मांग की है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद इस पूरे घटनाक्रम में शामिल थे। पार्टी ने पुलिस से इस मामले में जांच शुरू कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा विधायक अनिल शर्मा, करनैल सिंह और अधिवक्ता संकेत गुप्ता भी शामिल थे। उन्होंने डीसीपी को मामले से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई।
वहीं, इस मामले पर अब राजनीतिक विवाद भी तेज होने की संभावना है। भाजपा ने जहां इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है, वहीं विपक्ष की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।
संसद परिसर में होने वाले विरोध प्रदर्शन अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बनते रहे हैं। लेकिन इस बार मामला धार्मिक आस्था से जुड़ने के कारण ज्यादा संवेदनशील हो गया है। पुलिस शिकायत के बाद अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।