नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा और महात्वाकांक्षी कदम उठाने जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में कर्मचारियों के लिए जल्द ही तीन नई और आधुनिक सर्वसुविधायुक्त आवासीय कॉलोनियां तैयार की जाएंगी।

इनमें से सबसे पहली और बड़ी कॉलोनी उत्तरी दिल्ली के गुलाबी बाग, दूसरी पूर्वी दिल्ली के कल्याण वास और तीसरी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली स्थित बहापुर क्षेत्र में बनाई जाएगी। इस पूरी योजना के धरातल पर उतरने से न केवल सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक आवास की सुविधा मिलेगी, बल्कि राजधानी में दिल्ली सरकार के आवासीय पुल (Housing Pool) की क्षमता में भी भारी इजाफा होगा।

तीन प्रमुख इलाकों में होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में बनने वाली इन तीन आवासीय कॉलोनियों का खाका तैयार कर लिया गया है। तीनों परियोजनाएं दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं:

गुलाबी बाग (उत्तरी दिल्ली): लगभग 70 एकड़ के विशाल भूभाग पर बनने वाली यह सबसे बड़ी कॉलोनी होगी। यहां विभिन्न श्रेणियों (टाइप-1 से टाइप-4) के हजारों कर्मचारियों के रहने के लिए बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा।

कल्याण वास (पूर्वी दिल्ली): लगभग 30 एकड़ में फैली इस कॉलोनी को आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कर्मचारियों के लिए खेलकूद, पार्क और पार्किंग जैसी तमाम सुविधाएं होंगी।

बहापुर (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली): दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के प्राइम लोकेशन बहापुर में लगभग चार एकड़ भूमि पर एक विशेष आवासीय परिसर बनाया जा रहा है।

बहापुर में आईएएस अधिकारियों के लिए बनेंगे 160 फ्लैट

इस योजना का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली का बहापुर प्रोजेक्ट है। बहापुर में लगभग 4 एकड़ जमीन पर दिल्ली कैडर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आवास का निर्माण किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना के तहत यहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए टाइप-5 और टाइप-6 श्रेणी के कुल 160 भव्य फ्लैट्स बनाए जाएंगे। ये फ्लैट्स पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं, ग्रीन बिल्डिंग तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और पर्याप्त पार्किंग स्पेस से लैस होंगे। पीडब्ल्यूडी ने बहापुर परियोजना का विस्तृत आर्किटेक्चरल डिजाइन और लेआउट प्लान तैयार कर लिया है।

अगले हफ्ते जारी हो सकता है टेंडर

प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर डिजाइन स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

सूत्रों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग (PWD) अगले सप्ताह तक बहापुर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के लिए आधिकारिक टेंडर (E-Tender) जारी कर सकता है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एजेंसी का चयन कर काम धरातल पर शुरू करा दिया जाएगा। सरकार ने विभाग को इस परियोजना को तय समयावधि के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पुरानी जर्जर इमारतों से मिलेगी राहत, बढ़ेंगी सुविधाएं

वर्तमान में दिल्ली सरकार के पास अपने कर्मचारियों की तुलना में सरकारी आवासों की भारी कमी है। इसके अलावा, गुलाबी बाग और अन्य इलाकों में पहले से बनी कई पुरानी कॉलोनियां काफी समय से जर्जर स्थिति में थीं, जिनके रखरखाव में लगातार समस्याएं आ रही थीं।

नई कॉलोनियों के बनने से:

सुरक्षित एवं आधुनिक आवास: कर्मचारियों और अधिकारियों को पुरानी इमारतों की जगह भूकंपरोधी और आधुनिक तकनीकों से बनी बहुमंजिला इमारतों में रहने का अवसर मिलेगा।

लंबी वेटिंग लिस्ट होगी खत्म: नए फ्लैट्स के जुड़ने से सरकारी आवास पाने के लिए सालों-साल इंतजार करने वाले कर्मचारियों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) काफी हद तक छोटी हो जाएगी।

ग्रीन और सस्टेनेबल मॉडल: इन सभी कॉलोनियों में सोलर ऊर्जा, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और हरित पट्टियों (Green Belts) का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

दिल्ली सरकार का यह फैसला सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहर के शहरी पुनर्विकास (Urban Redevelopment) को भी गति मिलेगी। पुरानी और कम ऊंचाई वाली इमारतों की जगह 'वर्टिकल डेवलपमेंट' (बहुमंजिला इमारतें) अपनाकर जमीन का समुचित उपयोग किया जा सकेगा।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि नियत समय के भीतर परियोजना को कर्मचारियों को सौंपा जा सके।

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