मजलिस पार्क अग्निकांड: दमकल ने बचाई मासूम समेत चार लोगों की जान

Update: 2026-07-12 14:59 GMT

बाहरी दिल्ली। दिल्ली के मजलिस पार्क इलाके में शनिवार रात एक चार मंजिला इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। आदर्श नगर थाना क्षेत्र की गली नंबर-10 में लगी इस आग में एक आठ माह की बच्ची समेत चार लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी, लेकिन पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, आग इमारत की तीसरी मंजिल से शुरू हुई और देखते ही देखते चौथी मंजिल तक फैल गई। आग की लपटें बढ़ने के साथ ही इमारत में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान एक आठ माह की मासूम बच्ची, एक बुजुर्ग समेत चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरा इलाका धुएं से भर गया। इस दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने भी साहस दिखाया और पुलिस के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बताया गया कि एसी में हुई तकनीकी खराबी के बाद आग भड़की, जिसके बाद घर में रखे गैस सिलेंडरों में धमाके होने लगे। सिलेंडर फटने से आग और तेजी से फैल गई और स्थिति गंभीर हो गई।

इस हादसे में डीआरडीओ वैज्ञानिक अरिसुदन तिवारी का फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में आने से घर का सामान और अन्य जरूरी चीजें भी नष्ट हो गईं। हालांकि, परिवार के लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आग सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय पर पुलिस और लोगों ने मिलकर कार्रवाई नहीं की होती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। लोगों की तत्परता और बचाव प्रयासों के कारण मासूम बच्ची समेत कई लोगों की जान बच गई।

दिल्ली में गर्मी और बढ़ते बिजली उपकरणों के इस्तेमाल के बीच आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एसी, बिजली के तारों और घरेलू उपकरणों की समय-समय पर जांच करानी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई और सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

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