Indian Railways करेगा कार्रवाई: सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक वीडियो पर कड़ा रुख

Update: 2025-10-18 16:02 GMT
नई दिल्ली New Delhi: Indian Railways ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक और गलत वीडियो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का ऐलान किया है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी सामग्री को फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेल मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रेल यात्रा, ट्रेन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़ी गलत और भ्रामक जानकारी तेजी से वायरल हो रही है। मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि इस तरह की फर्जी जानकारी न केवल यात्रियों में भ्रम फैलाती है बल्कि रेल प्रशासन के कामकाज और सुरक्षा उपायों पर भी गलत प्रभाव डाल सकती है। Indian Railways ने चेतावनी दी है कि भ्रामक वीडियो और जानकारी फैलाने वाले व्यक्ति या हैंडल्स के खिलाफ रेल कानून और भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर फर्जी सामग्री हटाने की भी मांग की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी यात्रियों और आम जनता को सही और सत्यापित जानकारी मिले। कोई भी फर्जी या भ्रामक वीडियो यात्रियों को भ्रमित कर सकता है और रेल सेवाओं के सामान्य संचालन में व्यवधान पैदा कर सकता है। Indian Railways ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें, जैसे रेलवे की वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन और सरकारी सोशल मीडिया पेज। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध सामग्री को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भ्रामक वीडियो अक्सर यात्री सुरक्षा, ट्रेन विलंब या रेल दुर्घटना जैसी संवेदनशील जानकारियों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हैं। यह न केवल यात्रियों के मन में डर पैदा करता है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों और रेल परिचालन में व्यवधान भी डालता है।
Indian Railways ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से सहयोग की भी अपील की है ताकि भ्रामक सामग्री को तेजी से हटाया जा सके। इसके अलावा, रेल प्रशासन जागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि यात्री और आम जनता समझ सकें कि सत्यापित सूचना ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करती है। अधिकारियों ने कहा कि अब रेलवे इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति या हैंडल सोशल मीडिया पर रेलवे से संबंधित भ्रामक वीडियो या फर्जी खबरें फैलाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य केवल यात्रियों की सुरक्षा और भ्रम रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि रेल प्रशासन की छवि और विश्वसनीयता सुरक्षित रहे। अधिकारी यह भी कहते हैं कि डिजिटल मीडिया पर गलत सूचनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ता है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है।
Indian Railways की इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भ्रामक वीडियो की संख्या कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी। रेल प्रशासन ने सभी अधिकारियों और स्टाफ को भी जागरूक रहने और ऐसे वीडियो की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।
इस प्रकार, Indian Railways का यह कदम सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सख्त रुख दिखाता है और यात्रियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सही जानकारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Tags:    

Similar News