UN पहल के तहत ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए 4 परियोजनाओं पर काम करेगा भारत

Update: 2025-08-04 17:56 GMT

 नई दिल्ली। भारत ने ‘भारत-संयुक्त राष्ट्र वैश्विक क्षमता निर्माण पहल’ के तत्वावधान में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए नौ साझेदार देशों में चार परियोजनाओं के पहले चरण का शुभारंभ किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार ये परियोजनाएं खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण और जनगणना की तैयारी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) तन्मय लाल ने इन परियोजनाओं के पहले चरण का शुभारंभ किया। जिन देशों में ये परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, उनके मिशन प्रमुख, संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट समन्वयक शोम्बी शार्प, भारत में विभिन्न संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रमुख और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित रहे। शुभारंभ समारोह में बोलते हुए तन्मय लाल ने कहा कि यह पहल एसडीजी 17 के आलोक में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जो साझेदारी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर ज़ोर देता है।



 


मंत्रालय ने कहा इस पहल की घोषणा सितंबर 2023 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की उपस्थिति में की गई थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय और भारत में संयुक्त राष्ट्र की देशीय टीम ने संयुक्त रूप से परियोजनाओं की पहचान करने और उनके कार्यान्वयन के लिए काम किया, ताकि एसडीजी को गति देने हेतु दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। भारत वैश्विक दक्षिण के लिए क्षमता निर्माण प्रयासों में अग्रणी है। आईटीईसी (भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग) इसका प्रमुख कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत लगभग 160 देशों को प्रतिवर्ष 400 से अधिक विशिष्ट पाठ्यक्रमों में 12000 से अधिक प्रशिक्षण स्लॉट प्रदान किए जाते हैं और इसकी स्थापना के बाद से अब तक 225000 से अधिक प्रशिक्षण स्लॉट प्रदान किए जा चुके हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार पहले चरण में कार्यान्वयन के लिए शामिल चार परियोजनाओं में विश्व खाद्य कार्यक्रम के समर्थन से नेपाल में चावल का सुदृढ़ीकरण और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, यूएनडीपी के समर्थन से जाम्बिया और लाओ पीडीआर के लिए डिजिटल स्वास्थ्य मंच, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के सहयोग से बेलीज़, बारबाडोस, सेंट किट्स एंड नेवीज़, सूरीनाम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो में जनगणना की तैयारी और यूनेस्को के सहयोग से दक्षिण सूडान के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है।

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