नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि गठबंधन के सांसद दिल्ली स्थित महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद वहां पहुंचकर प्रार्थना करेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि उसके कई फैसले देश के हित में नहीं हैं।
गुरुवार, 8 अक्टूबर को कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित दोपहर के भोजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद सांसद बसों में सवार होकर राजघाट की ओर रवाना हुए। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य महात्मा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना था। यह लगातार तीसरा दिन था, जब INDIA गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए।पत्रकारों से बातचीत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि INDIA गठबंधन के सदस्य शांतिपूर्ण धरने के लिए गांधी स्मारक जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद वहां बैठकर प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को अपने फैसलों और नीतियों के परिणामों का एहसास हो।
खड़गे ने कहा, "हम, INDIA गठबंधन के सदस्य, शांतिपूर्ण धरना देने के लिए गांधी स्मारक जा रहे हैं। हम वहां बैठकर प्रार्थना करेंगे कि बीजेपी सरकार, खासकर पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह समझ आए कि उनके काम देश के हित में नहीं हैं।"कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों, बढ़ती महंगाई और युवाओं की समस्याओं जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियां जनहित के खिलाफ हैं। उन्होंने इन विषयों को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की और कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को उठाता रहेगा।
हालांकि, खड़गे की ओर से लगाए गए ये राजनीतिक आरोप हैं। केंद्र सरकार की नीतियों के प्रभाव और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग पक्ष हैं।दरअसल, कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन पिछले तीन दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
इससे पहले मंगलवार, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर चुनाव आयोग तक पहुंचना चाहते थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया था।इसके अगले दिन बुधवार, 7 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से जनपथ स्थित एक रेस्तरां में विपक्षी सांसदों के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया था। भोजन के बाद सांसद बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।
बुधवार को विपक्षी सांसदों की बसों को जनपथ और अशोक रोड के चौराहे के पास पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद कई सांसद सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।गुरुवार को विपक्षी गठबंधन ने अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए राजघाट जाने का फैसला किया। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी के स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देकर विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहता है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजघाट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस ने राजघाट क्षेत्र में लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया। इसके कारण विपक्षी सांसदों के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर पुलिस और राजनीतिक दलों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई।मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और कथित अनियमितताओं के कारण पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस मामले में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गलत आचरण तथा राजनीतिक पक्षपात के आरोपों का खंडन किया है। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर राजनीतिक मतभेद लगातार बने हुए हैं।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान में केवल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे ही नहीं उठाए, बल्कि महंगाई और युवाओं की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा।
खड़गे के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष का दायित्व जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि INDIA गठबंधन के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी गुरुवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने बुधवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया।
राजधानी दिल्ली में लगातार तीन दिनों से हो रहे इन प्रदर्शनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विपक्षी दल जहां चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा संबंधी कदम उठा रहा है।फिलहाल मल्लिकार्जुन खड़गे और INDIA गठबंधन के अन्य नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। गुरुवार को राजघाट पर शांतिपूर्ण धरने की घोषणा इसी आंदोलन की अगली कड़ी के रूप में सामने आई है। हालांकि, पुलिस की ओर से राजघाट क्षेत्र में सभा पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण प्रस्तावित धरने को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।