Delhi दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ व्यापक स्तर पर बातचीत की। इस बैठक में व्यापार, कनेक्टिविटी, सीमा सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग वर्तमान में भारत के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। यह दौरा उनके हाल ही में संसद चुनावों के बाद राष्ट्रपति पद संभालने के मात्र दो महीने के भीतर हो रहा है, जिससे इस यात्रा को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। खासतौर पर व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने, सीमा पार कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति देने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।
नरेंद्र मोदी ने बातचीत में कहा कि भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिन्हें और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। दोनों देशों ने आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में संयुक्त सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तार देने की संभावनाओं पर भी बात हुई।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इस दौरान कई अन्य उच्च स्तरीय बैठकों और समझौतों की भी संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, नरेंद्र मोदी और यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच हुई यह बातचीत भारत-म्यांमार संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के सहयोग में और विस्तार होने की उम्मीद है।