नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला हॉस्टल जैसी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत में रहने वाले छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत के बेसमेंट में चल रहे काम, पानी जमा होने और कमजोर नींव को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद दिल्ली में पीजी और हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
2. ‘वोट कम हो जाएं लेकिन...’ स्कूलों में मोबाइल बैन को लेकर शुभेंदु अधिकारी का बयान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में मोबाइल इस्तेमाल पर नियंत्रण जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर इस फैसले से राजनीतिक नुकसान भी होता है तो भी वह शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए ऐसे कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने आधुनिक सुविधाओं वाले नए स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित होना चाहिए।
3. श्मशान घाट हादसे में अधिवक्ता की मौत, FIR दर्ज; CM ने किया मुआवजे का ऐलान
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में श्मशान घाट पर गुंबद गिरने से अधिवक्ता की मौत के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। मृतक वकील की पत्नी ने मामले में FIR दर्ज कराई है।
बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे लोगों पर अचानक गुंबदनुमा ढांचा गिर गया था। हादसे में एक अधिवक्ता की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
4. सोने की तेजी पर ब्रेक लेकिन एक्सपर्ट बोले अभी बाकी है चमक
सोने की कीमतों में भले ही थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी लंबी अवधि की तेजी अभी खत्म नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने को आगे भी मजबूती मिल सकती है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि केवल तेजी देखकर निवेश करने के बजाय बाजार की स्थिति और अपनी आर्थिक योजना को ध्यान में रखकर फैसला लें।
5. Gen-Z आंदोलन पर मायावती का बड़ा बयान, बोलीं- राजनीतिक दलों ने किया हाईजैक
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने Gen-Z आंदोलन को लेकर कहा कि युवाओं के मुद्दों से शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक प्रभाव में आता दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक दलों के प्रभाव से बचाना चाहिए।
मायावती ने युवाओं से अपील की कि वे अपने मुद्दों को प्राथमिकता दें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।