नई दिल्ली: घर खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। ईडी ने कहा है कि अगर कोई बिल्डर या रियल एस्टेट कंपनी प्रोजेक्ट की रेरा (RERA) जानकारी देने से इनकार करती है, भुगतान के लिए नकद रकम की मांग करती है, पैसे वापस नहीं करती या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराती है तो खरीदारों को इसकी शिकायत करनी चाहिए।

ईडी ने यह सलाह रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के बाद जारी की है। एजेंसी ने
अहमदाबाद
की एक रियल एस्टेट कंपनी और उससे जुड़े प्रमोटरों की करीब 129.80 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला घर खरीदारों और निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने घर खरीदारों से कहा है कि किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। खरीदारों को यह देखना चाहिए कि प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है या नहीं, जमीन के दस्तावेज सही हैं या नहीं, निर्माण की मंजूरी ली गई है या नहीं और संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं है।
जांच एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर कोई बिल्डर केवल मौखिक वादों, बुकिंग फॉर्म या ब्रोकर की बातों के आधार पर डील करने का दबाव बनाता है तो खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए। प्रॉपर्टी खरीदते समय बिक्री समझौता, भुगतान की रसीद और अन्य जरूरी दस्तावेज लेना बेहद जरूरी है।
ईडी ने यह भी कहा कि नकद लेन-देन की मांग करने वाले बिल्डरों से सावधान रहें। प्रॉपर्टी की खरीद में पारदर्शी और बैंकिंग माध्यम से भुगतान करना सुरक्षित माना जाता है। यदि कोई कंपनी रेरा विवरण देने से मना करती है, परियोजना से जुड़ी जानकारी छिपाती है या खरीदारों के पैसे लौटाने में आनाकानी करती है तो इसकी शिकायत संबंधित विभागों से की जा सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए रेरा कानून लागू किया गया है। इसके तहत बिल्डरों के लिए परियोजना की जानकारी सार्वजनिक करना और खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। रेरा पंजीकरण से खरीदारों को प्रोजेक्ट की स्थिति, मंजूरी और निर्माण से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घर खरीदना जीवन का बड़ा आर्थिक फैसला होता है। ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बिल्डर की पुरानी परियोजनाओं, कानूनी स्थिति और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते संबंधित अधिकारियों को देने से धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
ईडी की यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्सों में रियल एस्टेट धोखाधड़ी और अधूरे प्रोजेक्ट को लेकर घर खरीदार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तुरंत संबंधित जांच एजेंसियों को दें।
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