CJP की मांगों पर सरकार का जवाब, आंदोलन जारी रहेगा

Update: 2026-07-24 10:35 GMT

नई दिल्ली :   राजधानी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की।

बैठक के बाद CJP नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार के साथ करीब 10 मिनट तक चर्चा हुई। इस दौरान संगठन की ओर से अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गईं। नेताओं ने कहा कि उन्होंने तीन मुख्य मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

CJP प्रतिनिधियों के अनुसार, उनकी पहली मांग नीट पेपर लीक और इससे प्रभावित छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है। उनका कहना है कि पेपर लीक की वजह से कई छात्रों को मानसिक परेशानी और नुकसान उठाना पड़ा है, इसलिए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।

दूसरी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। CJP नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना उन्हें कोई अन्य फैसला स्वीकार नहीं होगा।

तीसरी मांग प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की है। संगठन का कहना है कि विरोध प्रदर्शन करना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है और आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को खत्म किया जाना चाहिए।

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार के सामने सभी मांगें स्पष्ट रूप से रख दी गई हैं। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से शनिवार दोपहर तक का समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार के जवाब का इंतजार करेगा।

बैठक के बाद CJP नेताओं ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी पहले से ही नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों को लेकर विरोध कर रहे हैं।

वहीं, सरकार की ओर से बैठक को लेकर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले भी सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की कोशिश की गई थी। सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

CJP नेताओं और सरकार के बीच हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब संसद का मानसून सत्र भी चल रहा है और नीट पेपर लीक का मुद्दा सदन में लगातार उठाया जा रहा है। विपक्ष भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

अब सभी की नजर शनिवार दोपहर तक सरकार की ओर से आने वाले जवाब पर है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो प्रदर्शनकारियों की ओर से आंदोलन को और तेज करने की संभावना जताई जा रही है।

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