Delhi दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वांछित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की रिमांड के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। NIA के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने बताया कि FIR में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बब्बर खालसा गिरोह के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया था। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि बब्बर खालसा गिरोह खालिस्तान आंदोलन को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा था और इस प्रक्रिया में बिश्नोई गिरोह उनकी मदद कर रहा था। NIA इस संबंध में कई पहलुओं की जांच कर रही है।
अनमोल बिश्नोई को इस आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है। वह लॉरेंस बिश्नोई का भाई है और कुछ समय पहले विदेश भाग गया था। NIA का मानना है कि वह इस सिंडिकेट की गतिविधियों का समन्वय कर रहा था। एजेंसी ने कहा कि अनमोल बिश्नोई से इन सभी मामलों पर पूछताछ की जाएगी। NIA ने पहले ही विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर कर चुके हैं। इनमें धारा 17, 18, 18A, 120B और UAPA (यूनिफॉर्मेड एक्टिविटी एंड प्रिवेंशन एक्ट) की अन्य धाराएं शामिल हैं। इसके साथ ही जबरन वसूली से संबंधित आरोप भी आरोप पत्र में शामिल किए गए हैं। NIA का कहना है कि इस मामले में अनमोल बिश्नोई का विदेश भागना और अंतरराष्ट्रीय गिरोह के साथ मिलकर गतिविधियां करना गंभीर अपराध है। एजेंसी का उद्देश्य इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ना और इसके सभी सक्रिय सदस्यों को कानून के कटघरे में लाना है।
इस रिमांड के दौरान NIA ने यह भी स्पष्ट किया कि अनमोल बिश्नोई के खिलाफ की जा रही पूछताछ और जांच देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकवादी व आपराधिक गतिविधियों के लिए निर्णायक साबित होगी। एजेंसी की टीम लगातार इस सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों की लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाने में लगी हुई है। NIA ने जनता और संबंधित सुरक्षा एजेंसाओं से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें और इस मामले में सहयोग करें। यह मामला अंतरराष्ट्रीय और देशीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
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