New Delhi। नई दिल्ली : घर को फूलों से सजाने का शौक रखने वाले लोगों के लिए मानसून का मौसम नए पौधे तैयार करने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। खासकर बोगनवेलिया जैसे आकर्षक फूलों वाले पौधे को कम खर्च में घर पर तैयार किया जा सकता है। जहां बाजार में इसका एक पौधा 300 से 350 रुपये तक में मिलता है, वहीं ग्राफ्टिंग तकनीक अपनाकर इसे घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है।
जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार के अनुसार, जुलाई से सितंबर के बीच का समय बोगनवेलिया की ग्राफ्टिंग और नए पौधे तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त होता है। इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहती है, जिससे पौधों की जड़ों का विकास तेजी से होता है और नई कोंपलें आसानी से निकलती हैं।
उन्होंने बताया कि यदि सही तरीके से देखभाल की जाए तो लगभग 30 से 45 दिनों में नई कोंपलें दिखाई देने लगती हैं। वहीं दो से तीन महीने के भीतर पौधा अच्छी तरह विकसित हो जाता है और रोपण के लिए तैयार हो जाता है।
ग्राफ्टिंग या कटिंग के लिए सबसे पहले एक स्वस्थ और मजबूत बोगनवेलिया के पौधे से उसकी डंठल काटनी चाहिए। इसके बाद इसे तैयार मिट्टी से भरे पॉलीबैग या गमले में लगाना चाहिए। सही मिट्टी तैयार करना भी पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए जरूरी माना जाता है।
कनिष्क कुमार के अनुसार, मिट्टी तैयार करते समय 40 प्रतिशत सामान्य दोमट मिट्टी, 30 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद, 20 प्रतिशत नदी की बालू और 10 प्रतिशत नारियल के छिलके का बुरादा या कोकोपीट मिलाना चाहिए। यह मिश्रण पौधे की जड़ों को पर्याप्त पोषण देने के साथ नमी बनाए रखने में भी मदद करता है। यदि कोकोपीट उपलब्ध न हो तो उसकी जगह सूखी पत्तियों से बनी खाद का भी उपयोग किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में नियमित हल्की सिंचाई और पर्याप्त धूप मिलने पर बोगनवेलिया तेजी से बढ़ता है। समय-समय पर पौधे की छंटाई करने से उसकी शाखाएं अधिक फैलती हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ जाती है। यदि अलग-अलग रंगों की शाखाओं की ग्राफ्टिंग की जाए तो एक ही पौधे पर कई रंगों के फूल भी खिलाए जा सकते हैं।