Noida नोएडा : थाना सेक्टर-24 पुलिस ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो पुरुष, तीन युवतियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल दो अन्य कारें और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। इस गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव शामिल हैं। एक नाबालिग को भी पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लोगों को फंसाता था। गिरोह का एक सदस्य पंकज यादव ग्राहकों को पहले संपर्क में लाता था, जिसके बाद युवतियां उनसे बातचीत कर मिलने का झांसा देती थीं। मुलाकात के दौरान पीड़ित को कार में बैठाकर सुनसान जगह ले जाया जाता था, जहां पहले से मौजूद अन्य आरोपी उसके साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल, वाहन और अन्य सामान लूट लेते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह दो कारों का इस्तेमाल करता था, एक में युवतियां और कुछ आरोपी रहते थे जबकि दूसरी कार पीछे चलती थी ताकि किसी भी स्थिति में वारदात को अंजाम देने में मदद मिल सके और पुलिस से बचा जा सके। मुख्य आरोपी ओमवीर यादव ने स्वीकार किया है कि 30 जून 2026 की रात सेक्टर-54 के पास एक व्यक्ति को फंसाकर उसके साथ मारपीट की गई और यूपीआई के माध्यम से उसके बैंक खातों से लगभग 18 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद उसकी फॉर्च्यूनर कार और अन्य सामान भी लूट लिया गया।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह में पंकज यादव, जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव और अभिषेक यादव समेत कई अन्य सदस्य फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इसी तरह कई वारदातों को अंजाम दिया है।गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लूट, मारपीट, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।