Delhi दिल्ली: भारत और कोरिया गणराज्य के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं, जिन्हें आने वाले समय में और विस्तार देने की जरूरत है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के तहत दक्षिण कोरिया के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। वहीं, राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भी भारत को एशिया में एक अहम साझेदार बताते हुए द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की इच्छा जताई।
दोनों पक्षों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, आपसी व्यापार को बढ़ाने और नई तकनीकों में सहयोग को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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