नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज मैरी कॉम और उनके पूर्व पति ओनलर के बीच विवाद अदालत पहुंच गया है। ओनलर ने दिल्ली की साकेत अदालत में मैरी कॉम के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की है। उनका आरोप है कि एक टेलीविजन इंटरव्यू में की गई टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें बेईमान, बेरोजगार और आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर व्यक्ति के तौर पर प्रस्तुत किया गया। ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, जिन्हें अदालत में अभी साबित नहीं किया गया है। 
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत छह अक्टूबर को दाखिल की गई थी। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम गुप्ता के समक्ष समन जारी होने से पहले के साक्ष्य की प्रक्रिया में है। अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित है। शिकायत दाखिल होने का अर्थ आरोपों की पुष्टि या दोष साबित होना नहीं है। फिलहाल अदालत के सामने ओनलर का पक्ष रखा गया है और मामला शुरुआती चरण में है। आगे की कार्यवाही अदालत में प्रस्तुत सामग्री और संबंधित न्यायिक आदेशों के अनुसार होगी। 
ओनलर की शिकायत का केंद्र जनवरी 2026 में प्रसारित एक टेलीविजन इंटरव्यू है। उनका कहना है कि इंटरव्यू के दौरान उनके बारे में ऐसी बातें कही गईं, जिनसे दर्शकों के बीच उनकी छवि खराब हुई। उन्होंने कार्यक्रम की व्यापक पहुंच का भी उल्लेख किया है। शिकायत के मुताबिक, बयान उन्हें केवल आर्थिक रूप से निर्भर दिखाने तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनकी ईमानदारी और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाते थे। ओनलर इन टिप्पणियों को अपने चरित्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं। 
इस विवाद की पृष्ठभूमि में मैरी कॉम की ओर से पहले लगाए गए आर्थिक आरोप भी हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि मुक्केबाजी से अर्जित उनकी कमाई को लेकर उनके साथ धोखा हुआ। उन्होंने अपने नाम पर कर्ज लिए जाने, संपत्ति गिरवी रखे जाने और उचित सहमति के बिना कुछ संपत्तियां हस्तांतरित होने के आरोप लगाए थे। ओनलर ने इन आरोपों का खंडन किया है। आर्थिक मामलों पर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
ओनलर का कहना है कि तलाक के बाद मैरी कॉम अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सकती हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों से उन्हें बार-बार बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुकदमा दायर करने की पुष्टि करते हुए अपने खिलाफ कही गई बातों को गलत बताया है। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से उन बयानों पर है, जिनसे उनके अनुसार लोगों के बीच उनकी गलत छवि बनी। अब उन्होंने सार्वजनिक जवाब देने के साथ अदालत का रास्ता भी चुना है। इस तरह निजी रिश्ते का विवाद प्रतिष्ठा से जुड़ी कानूनी शिकायत में बदल गया है।
अपने पेशेवर जीवन को लेकर ओनलर ने अलग पक्ष रखा है। उनका दावा है कि मैरी कॉम के मुक्केबाजी करियर को समर्थन देने के लिए उन्होंने अपनी पेशेवर प्राथमिकताओं में बदलाव किया और परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। उनके मुताबिक, इसे बेरोजगारी या कभी काम नहीं करने के रूप में प्रस्तुत करना गलत है। यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्ष एक ही वैवाहिक जीवन और आर्थिक व्यवस्था की अलग व्याख्या कर रहे हैं। ओनलर अपनी भूमिका को सहयोग और पारिवारिक जिम्मेदारी के रूप में बताते हैं। 
ओनलर ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया है और कहा है कि उन्हें अपना मामला मजबूत लगता है। हालांकि, उन्होंने न्यायालय में लंबित कार्यवाही के कारण विस्तार से टिप्पणी करने से परहेज करने की बात भी कही है। उनका विश्वास शिकायतकर्ता का पक्ष है; इसे अदालत के निष्कर्ष के तौर पर नहीं लिया जा सकता। मानहानि की शिकायत में सार्वजनिक टिप्पणियों से कथित नुकसान का मुद्दा उठाया गया है। मामले का परिणाम क्या होगा, इस बारे में अभी कोई न्यायिक फैसला सामने नहीं आया है।
मैरी कॉम और ओनलर की शादी 2005 में हुई थी। दोनों के चार बच्चे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनका विवाह 2023 में प्रथागत प्रक्रिया के तहत समाप्त हुआ। लंबे समय तक ओनलर को मैरी कॉम के खेल करियर के दौरान सहयोग देने वाले व्यक्ति के तौर पर देखा गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान घर और बच्चों की जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका का भी उल्लेख मिलता है। अब अलगाव के बाद दोनों के बीच आर्थिक मामलों और सार्वजनिक बयानों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। 
मैरी कॉम भारतीय मुक्केबाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने लंदन ओलंपिक 2012 में महिला फ्लाइवेट वर्ग में कांस्य पदक जीता था। उस उपलब्धि ने उन्हें देशभर में व्यापक पहचान दिलाई। खेल जगत में उनकी इसी सार्वजनिक पहचान के कारण निजी जीवन से जुड़ा विवाद भी चर्चा में है। हालांकि, उनकी खेल उपलब्धियों और वर्तमान शिकायत के आरोपों का मूल्यांकन अलग आधार पर होगा। मौजूदा मामला किसी प्रतियोगिता या खेल परिणाम से संबंधित नहीं, बल्कि पूर्व पति के अनुसार उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले बयानों से जुड़ा है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ओनलर ने मानहानि की शिकायत दायर की है और अगली सुनवाई 19 नवंबर को तय है। सार्वजनिक चर्चा में लगाए गए आर्थिक आरोप, उनके खंडन और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के दावे अलग-अलग पक्षों के बयान हैं। किसी आरोप को केवल उसके व्यापक प्रसार के कारण सच नहीं माना जा सकता। इस विवाद में आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही से स्पष्ट होगी। तब तक शिकायत दर्ज होने और आरोप साबित होने के बीच का अंतर बनाए रखना जरूरी है।