Delhi दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 ने बीएसएनएल चंडीगढ़ के तत्कालीन एसडीई (एसएमएससी) स्वर्णजीत सिंह और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में लगभग 1.50 करोड़ रुपए की सात अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।
ईडी की ओर से यह जांच सीबीआई, एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा स्वर्णजीत सिंह, डोरस्टेप्स सॉल्यूशंस और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच से पता चला कि स्वर्णजीत सिंह ने सौरभ त्यागी, मार्कोनी जेम्स मैकवान और प्रीति गोहेल के साथ आपराधिक साजिश रचकर बीएसएनएल के एसएमएससी इंफ्रास्ट्रक्चर तक अनधिकृत पहुंच की सुविधा दी। इससे अनिवार्य डीएलटी/जनला प्लेटफॉर्म और निर्धारित बिलिंग मैकेनिज्म को दरकिनार करते हुए बल्क एसएमएस ट्रैफिक को रूट करना संभव हो गया।
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि एसएमएससी के माध्यम से लगभग 63.37 करोड़ बल्क पुश एसएमएस संदेश अवैध रूप से रूट किए गए, जिसके परिणामस्वरूप बीएसएनएल को अनुमानित 5.42 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ, जिसमें इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज के तौर पर लगभग 4.05 करोड़ रुपए शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला कि स्मार्ट टेक्नोलॉजी/डोरस्टेप्स सॉल्यूशंस और उनके भागीदारों ने प्रचलित बाजार दरों से कम दरों पर ऐसी अनधिकृत बल्क एसएमएस सेवाओं का लाभ उठाया और उनसे वित्तीय लाभ प्राप्त किया।
अटैच की गई संपत्तियों में एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब में स्थित कृषि भूमि और वडोदरा, गुजरात में स्थित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इस अटैचमेंट के साथ, मामले में अटैच की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 2.30 करोड़ रुपए हो गया है।
ईडी की जांच के मौजूदा चरण में अपराध से प्राप्त आय की मात्रा लगभग 6.47 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले, ईडी ने इस मामले में 27 मार्च 2025 को 80 लाख रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की थी। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।
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