नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने मंगलवार को एक वकील को फटकार लगाई। यह वकील लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ 'आय से अधिक संपत्ति' के मामले की जल्द सुनवाई की मांग कर रहा था। CJI ने सवाल किया कि क्या ऐसा सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा है।
CJI ने वकील द्वारा जल्द सुनवाई की मांग के लिए दिए गए तर्कों पर आपत्ति जताते हुए कहा, "इस मांग का न कोई सिर-पैर है, न कोई आधार।"
वकील ने मामले को जल्द सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए तर्क दिया कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में दावा किया था कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं।
इस पर CJI कांत ने वकील से पूछा, "क्या आपने इसके लिए किसी न्यूज़ चैनल से बात की है?"
इसके बाद, CJI ने कोर्ट के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अब से इस तरह की शुरुआती सुनवाई (mentioning proceedings) की लाइव स्ट्रीमिंग बंद कर दी जाए।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही 'आय से अधिक संपत्ति' मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED को हाई कोर्ट में कोई भी रिपोर्ट पेश करने से मना किया है।
यह मामला कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की एक शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है।
अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से इस मामले की कार्यवाही टालने को कहा था और केंद्रीय एजेंसियों को भी हाई कोर्ट में कोई रिपोर्ट पेश करने से रोक दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी एजेंसी को किसी व्यक्ति के पास 'आय से अधिक संपत्ति' होने की जानकारी मिलती है, तो वह खुद ही आगे की कार्रवाई कर सकती है; इसके लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस नेता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें CBI और ED को इन आरोपों की जांच (सत्यापन) करने के लिए कहा गया था। उन्होंने एक अलग याचिका भी दायर की थी, जिसमें इस मामले की कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी।