नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने की मांग सामने आई है। राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण, निस्वार्थ सेवा और सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित 'मन की बात' विषय पर आधारित 76 पेंटिंग की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, उनके विचारों और जनसंपर्क से जुड़े पहलुओं को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
राज्यसभा सांसद साहनी के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भारत रत्न देने की मांग चर्चा में आ गई है। हालांकि, यह एक सांसद की ओर से व्यक्त की गई मांग है। केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में किसी औपचारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
अमित शाह की मौजूदगी में उठी भारत रत्न की मांग
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की वकालत की।
साहनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ सार्वजनिक जीवन में योगदान दिया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के कार्यों और देश के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना चाहिए।
सांसद की यह टिप्पणी ऐसे अवसर पर सामने आई, जब प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित एक विशेष कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जा रहा था।
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा और सर्वोच्च स्तर के प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है।
'मन की बात' पर आधारित 76 पेंटिंग की प्रदर्शनी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान 'मन की बात' विषय पर आधारित 76 चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित है। इसमें कला के माध्यम से प्रधानमंत्री के विचारों और जनसंवाद से जुड़े विषयों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम है, जिसके जरिए वह देशवासियों से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संवाद करते हैं।
इस कार्यक्रम में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों, शिक्षा, नवाचार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों की उपलब्धियों जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाती रही है।
ऐसे में 'मन की बात' पर आधारित चित्र प्रदर्शनी को जनसंवाद और कला के संगम के रूप में देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित आयोजन
प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित बताई गई है।
नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने।
प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कई प्रमुख योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए।
इनमें स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल इंडिया, जन धन योजना, आयुष्मान भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान शामिल हैं।
समर्थक इन योजनाओं को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों के बीच इनके क्रियान्वयन तथा प्रभाव को लेकर अलग-अलग आकलन भी सामने आते रहे हैं।
राष्ट्र सेवा और समर्पण को बताया सम्मान का आधार
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए राष्ट्र सेवा और निस्वार्थ समर्पण को भारत रत्न देने की मांग का प्रमुख आधार बताया।
उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक देश के लिए कार्य करने वाले नेतृत्व को सर्वोच्च स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए।
हालांकि, भारत रत्न प्रदान करने की प्रक्रिया संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत संचालित होती है। किसी सांसद या राजनीतिक नेता की मांग अपने आप में सम्मान दिए जाने का निर्णय नहीं होती।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को भारत रत्न देने के संबंध में फिलहाल किसी आधिकारिक घोषणा का दावा नहीं किया जा सकता।
भारत रत्न सम्मान का क्या है महत्व?
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इसकी स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी।
यह सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और मानव प्रयास के अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जा सकता है।
भारत रत्न प्रदान करने की सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को की जाती है। इस सम्मान के लिए किसी औपचारिक नामांकन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती।
सामान्यतः एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को यह सम्मान दिया जा सकता है।
देश में अब तक विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
पूर्व प्रधानमंत्रियों, वैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों को भी उनके असाधारण योगदान के लिए यह सम्मान मिला है।
'मन की बात' बना जनसंवाद का महत्वपूर्ण माध्यम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2014 में 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशवासियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को सामने लाना रहा है।
कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े लोगों, स्थानीय नवाचारों, सामाजिक पहलों और प्रेरणादायक उपलब्धियों का उल्लेख किया जाता रहा है।
'मन की बात' ने रेडियो के साथ डिजिटल माध्यमों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
76 पेंटिंग की प्रदर्शनी इसी जनसंवाद की विषयवस्तु को दृश्य कला के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास है।
अमित शाह ने किया विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन को समर्पित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद साहनी ने प्रधानमंत्री को भारत रत्न दिए जाने की मांग रखी।
हालांकि, प्रदर्शनी के आयोजन स्थल, कलाकारों के नाम और अमित शाह के विस्तृत संबोधन के संबंध में उपलब्ध विवरण में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
इसलिए कार्यक्रम में उनके द्वारा कही गई अन्य बातों को लेकर कोई अपुष्ट दावा करना उचित नहीं होगा।
भारत रत्न की मांग पर राजनीतिक चर्चा संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत रत्न देने की मांग आने वाले समय में राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन सकती है।
भारत रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से जुड़ी मांगों पर अक्सर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
किसी भी व्यक्ति को यह सम्मान प्रदान करने का निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है।
फिलहाल विक्रमजीत सिंह साहनी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को भारत रत्न देने की मांग और अमित शाह द्वारा 76 चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन इस कार्यक्रम की दो प्रमुख बातें रहीं।
इस आयोजन ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन, 'मन की बात' कार्यक्रम और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान को लेकर चर्चा को नया संदर्भ दिया है।