पूर्वी दिल्ली। मानसून के दौरान यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूर्वी दिल्ली प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि अभी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
रविवार देर शाम तक यमुना का जलस्तर 203 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। हरियाणा की ओर से दिल्ली में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूर्वी जिले के डीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए 14 मोटरबोट अलग-अलग स्थानों पर तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में इन मोटरबोट की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा।
कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी और विश्वास नगर के एसडीएम अमोद बड़थवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है। यमुना के जलस्तर, मौसम की स्थिति और संभावित खतरे पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर दिल्ली पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाया गया है। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों का एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है, ताकि किसी भी सूचना का तुरंत आदान-प्रदान किया जा सके।
प्रशासन की ओर से अब तक कई दौर की बैठकें की जा चुकी हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हरियाणा की ओर से दिल्ली में ज्यादा मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसके बावजूद भविष्य में किसी भी संभावित स्थिति को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी रखी गई हैं।
मानसून के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। किसी भी तरह की आपात स्थिति आने पर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें और नदी के आसपास जाने से बचें।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन लगातार यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में बारिश और पानी छोड़े जाने की स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।