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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोरोना तीसरी लहर के दौरान मरने वालों में 60 ऐसे लोग थे, जिनका टीकाकरण पूरा नहीं हो पाया था। राजधानी के एक निजी अस्पताल ने अपने अध्ययन में यह दावा किया है। दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती मरीजों में ऑक्सीजन की मांग एक तिहाई रह गई। अस्पताल ने अपने नेटवर्क के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के आधार पर यह अध्ययन किया है।

मैक्स हेल्थकेयर द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि दर्ज की गई मौतों के मामले में ज्यादातर लोग 70 वर्ष से अधिक उम्र के थे या वे गुर्दे की बीमारियों, हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर जैसी कई अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे। यह अध्ययन डॉ. संदीप बुद्धिराजा, समूह मेडिकल निदेशक, मैक्स के निर्देशन में किया गया।
अस्पताल ने बताया है कि उनके यहां अब तक 82 लोगों की मौत हुई है। इनमे 60 मरीज ऐसे थे, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ या केवल पहली डोज लगी थी। तीन लहरों के तुलनात्मक अध्ययन में यह भी कहा गया है कि तीसरी लहर के दौरान केवल 23.4 प्रतिशत रोगियों को ऑक्सीजन देने की आवश्यकता पड़ी है, दूसरी लहर में 74 प्रतिशत था।
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