Delhi : यमुना में नौकाविहार की ये कैसी योजना

Update: 2025-03-12 02:50 GMT

दिल्ली | दिल्ली सरकार और केंद्र ने मिलकर यमुना नदी में नौका विहार (बोटिंग) शुरू करने की योजना बनाई है। नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस समझौते को दिल्ली के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा, "आने वाला कल सुंदर होगा।" लेकिन जल और पर्यावरण विशेषज्ञ इस योजना को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं।

प्रदूषण के बीच बोटिंग, कितना व्यावहारिक?

यमुना नदी का दिल्ली से गुजरने वाला हिस्सा सबसे ज्यादा प्रदूषित माना जाता है। गंदे नाले, औद्योगिक कचरे और घरेलू अपशिष्ट के कारण पानी जहरीला हो चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में यमुना का पानी नहाने और जलीय जीवन के लिए भी अनुपयुक्त है। ऐसे में नौका विहार का प्रस्ताव कितना कारगर होगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों की चिंताएं

पर्यावरण को नुकसान – जहाजों और नावों की गतिविधियों से पानी में पहले से मौजूद प्रदूषकों का स्तर और बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य खतरा – गंदे पानी के संपर्क में आने से जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा रहेगा।

प्रोजेक्ट की व्यावहारिकता – जब तक यमुना साफ नहीं होगी, तब तक यह योजना केवल कागजों पर ही अच्छी लगेगी।

पहले सफाई या पहले बोटिंग?

दिल्ली सरकार का दावा है कि यह योजना पर्यटन को बढ़ावा देगी और यमुना किनारे के इलाकों का विकास होगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब तक नदी की सफाई नहीं होगी, तब तक यह योजना कैसे सफल होगी? क्या सरकार पहले यमुना को स्वच्छ करने पर ध्यान देगी या फिर पर्यटन को प्राथमिकता देगी? आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस योजना पर किस तरह अमल किया जाता है।


Tags:    

Similar News