दिल्ली में कमर्शियल LPG सप्लाई के नियम सख्त, PNG कनेक्शन अनिवार्य किया

Update: 2026-04-04 09:09 GMT

Delhi दिल्ली: सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर नियमों को सख्त कर दिया है। नए निर्देशों के तहत अब उन इलाकों में जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क उपलब्ध है, वहां व्यवसायों के लिए PNG कनेक्शन लेना या उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

यह आदेश फूड, सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स विभाग द्वारा 2 अप्रैल को जारी किया गया। इसमें सरकार ने हाल ही में अधिसूचित कमर्शियल LPG वितरण नीति के एक महत्वपूर्ण प्रावधान में संशोधन किया है।

संशोधित नियमों के अनुसार, कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ता तभी LPG सिलेंडर की आपूर्ति प्राप्त कर सकेंगे, जब वे संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के साथ पंजीकृत हों और जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां कनेक्शन के लिए आवेदन कर चुके हों।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन क्षेत्रों में फिलहाल PNG इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है, वहां उपभोक्ताओं को एक घोषणा पत्र देना होगा कि जैसे ही PNG सुविधा उपलब्ध होगी, वे उसे अपनाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कम से कम एक बार दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा कि उपभोक्ता नियमों का पालन कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने PNG अपनाने की इच्छा जताई है, उनके रिकॉर्ड आगे की प्रक्रिया के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के साथ साझा किए जाएंगे।

सरकार का यह कदम राजधानी में स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। PNG को LPG की तुलना में अधिक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है।

हालांकि, सरकार ने कुछ लचीलापन भी दिया है। जिन व्यवसायों को अपने संचालन के लिए PNG के साथ-साथ LPG की भी आवश्यकता है, वे विभाग के एडिशनल कमिश्नर के पास आवेदन कर सकते हैं। इन आवेदनों पर निर्णय तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से परामर्श के बाद लिया जाएगा।

आदेश में कहा गया है कि OMCs भी इस तरह के आवेदन एकत्र कर सकती हैं और उन्हें त्वरित निर्णय के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज सकती हैं। इसके बाद एडिशनल कमिश्नर इन मामलों का शीघ्र निपटारा करेंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 26 मार्च को जारी की गई मूल नीति और उसके बाद जारी संशोधनों में अन्य किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। PNG के उपयोग को अनिवार्य करने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि गैस वितरण प्रणाली में भी पारदर्शिता और दक्षता आएगी।

हालांकि, कुछ छोटे व्यवसायों के लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां PNG कनेक्शन अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार द्वारा दी गई लचीलेपन की व्यवस्था इन व्यवसायों को राहत दे सकती है।

कुल मिलाकर, यह कदम दिल्ली में ऊर्जा उपयोग के पैटर्न को बदलने और स्वच्छ ईंधन की ओर संक्रमण को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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