Delhi दिल्ली NCERT ने क्लास 11 और 12 की पॉलिटिकल साइंस की किताबों को तैयार करने वाली टीम का फिर से गठन किया है। इन पैनल को क्लास 11 की किताब नवंबर तक और क्लास 12 की किताब जुलाई 2027 तक तैयार करने का काम सौंपा गया है। 20 सदस्यों वाली इस टीम में पॉलिटिकल कंसल्टेंट, एकेडमिक्स और शिक्षाविद शामिल हैं। इनमें से कुछ लोग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और BJP से जुड़े रहे हैं।
किताब तैयार करने वाली इस टीम की अगुवाई पॉलिटिकल एनालिस्ट संदीप शास्त्री करेंगे, जो कर्नाटक स्थित डीम्ड यूनिवर्सिटी 'निट्टे' (Nitte) के वाइस-प्रेसिडेंट भी हैं। शिक्षा मंत्रालय के सीनियर कंसल्टेंट यदुनाथ देशपांडे की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक, वे मुंबई में ABVP से जुड़े थे और अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक BJP के लिए पॉलिटिकल कंसल्टेंट के तौर पर काम कर चुके हैं।
पुणे के 'ज्ञान प्रबोधिनी' (Jnana Prabodhini) में टीचर एजुकेशन सेंटर और रिसर्च प्रोग्राम के हेड प्रशांत दिवेकर भी इस टीम का हिस्सा हैं। 'ज्ञान प्रबोधिनी' RSS से जुड़ी एक संस्था है। टीम में डॉ. एम.एन. सुरेश कुमार (प्रोफेसर, पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट, गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, हेसरघट्टा, बेंगलुरु), JNU से प्रकाश कांडपाल, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से निधि गुप्ता, चाणक्य यूनिवर्सिटी से चेतन सिंघई, दिल्ली यूनिवर्सिटी से सुकांक्षिका वत्सा, IGNOU से सतीश कुमार, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ से दीवांशु श्रीवास्तव, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल से प्रणव गुप्ता, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी से नंदा किशोर और उत्कल यूनिवर्सिटी से स्वप्ना प्रभु भी शामिल हैं।
अन्य सदस्यों में नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल की डायना इसाबेल और SHVNM गवर्नमेंट PU कॉलेज फॉर गर्ल्स की एन. भरणी शामिल हैं।
NCERT के वंथंगपुई खोबुंग और सुभाष सिंह क्रमशः मेंबर कोऑर्डिनेटर और को-कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम करेंगे।
NCERT की ओर से जारी नोटिफिकेशन में दी गई शर्तों के मुताबिक, किताब तैयार करने वाली टीम ज़रूरत पड़ने पर खास क्षेत्रों के लिए एक्सपर्ट्स, टीचर्स या इलस्ट्रेटर को स्पेशल इनवाइटी के तौर पर शामिल कर सकती है, लेकिन इसके लिए NCERT डायरेक्टर की आखिरी मंज़ूरी ज़रूरी होगी। NCERT के डायरेक्टर दिनेश प्रसाद सकलानी ने नोटिफिकेशन में कहा, "हर टेक्स्टबुक की समीक्षा की जाएगी ताकि यह देखा जा सके कि उसमें सांस्कृतिक जुड़ाव, भारतीय ज्ञान प्रणाली, समावेश, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी और असेसमेंट जैसे अहम विषयों को कैसे शामिल किया गया है।" इससे पहले, इतिहासकार अर्जुन देव, जो लंबे समय तक NCERT से जुड़े रहे थे, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' और 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया' के सदस्य भी रह चुके थे। डॉ. पंकज पुष्कर, जो टेक्स्टबुक डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य थे, बाद में AAP के MLA बने।