New Delhi नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बढ़ते मुकदमों और जजों की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि न्यायालय में मामलों की बढ़ती संख्या के कारण कई मामले समय पर नहीं सुने जा रहे हैं, जिससे न्यायाधीशों के लिए यह "बेहद कष्टकारी" हो रहा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के दोषी व्यक्ति ने विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायालय के पास जजों की संख्या सीमित है, जबकि मुकदमों की संख्या बहुत अधिक है, जिसके कारण मामलों को समय पर सुनना संभव नहीं हो पा रहा है।