मिलावटखोरों पर दिल्ली सरकार का शिकंजा जांच में पकड़ी गई असुरक्षित खाद्य सामग्री
नई दिल्ली: त्योहारों का मौसम पास आ रहा है, इसलिए दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को बड़े खाद्य बाजारों में जांच तेज कर दी। इसके तहत खोया, धाप और मक्खन समेत 2,800 किलोग्राम से ज़्यादा असुरक्षित और लावारिस खाद्य उत्पादों को नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह के निर्देशों पर की गई। उन्होंने कहा कि त्योहारों की भीड़-भाड़ के कारण खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सिंह ने कहा, "त्योहारों की तैयारियों के चक्कर में खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली के लोगों तक कोई असुरक्षित या मिलावटी भोजन न पहुंचे।" उन्होंने कहा कि जन-स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा टीमों ने खोया मंडी, मोरी गेट, बाग दीवार, संजय मार्केट और जनकपुरी मंडी जैसे बाजारों का निरीक्षण किया। उन्होंने मिलावट की आशंका, खराब भंडारण स्थितियों और ग्राहकों को बेचे जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया।
खोया मंडी, मोरी गेट, बाग दीवार और संजय मार्केट में अधिकारियों को लगभग 2,830 किलोग्राम लावारिस खोया, धाप और मक्खन बहुत ही अस्वच्छ स्थितियों में मिला। बताया गया कि इन उत्पादों से दुर्गंध आ रही थी और वे खराब हो रहे थे।
अधिकारियों ने सार्वजनिक घोषणाएं करके विक्रेताओं से इन खाद्य पदार्थों पर अपना दावा करने को कहा, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद, 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के प्रावधानों के अनुसार पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया गया और मजनू का टीला स्थित MCD डंपिंग साइट पर नष्ट कर दिया गया।
प्रयोगशाला परीक्षणों में भी कुछ उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं सामने आईं। मोरी गेट से लिए गए खोया और क्रीम के सभी 10 नमूनों का राज्य प्रयोगशाला में विश्लेषण करने पर वे मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
बाग दीवार-संजय मार्केट इलाके से भी खोया के दो नमूने लिए गए। वहीं, 'फूड सेफ्टी व्हील' (FSW) का उपयोग करके जांचे गए चार नमूने - जिनमें पनीर के दो और खोया के दो नमूने शामिल थे - मानकों के अनुरूप पाए गए।
जनकपुरी मंडी में जांच के दौरान कुछ और चिंताएं सामने आईं। प्रवर्तन टीम ने खाद्य कारोबार से जुड़ी 10 जगहों का निरीक्षण किया और पनीर के 10 नमूने लिए। अधिकारियों ने 'फूड सेफ्टी व्हील' का उपयोग करके 28 निगरानी नमूनों का मौके पर ही विश्लेषण भी किया।
विभाग के अनुसार, इनमें से चार नमूनों में डिटर्जेंट की मौजूदगी पाई गई। एहतियात के तौर पर, लगभग 150 किलो पनीर और 10 किलो खोया नष्ट कर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे त्योहारों के मौसम में कड़ी निगरानी रखें और सघन जांच जारी रखें।
विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाएं, वहां तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
मिठाइयों, डेयरी उत्पादों और त्योहारों से जुड़े अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए, अधिकारियों ने उपभोक्ताओं और खाद्य कारोबारियों से भी सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि केवल सुरक्षित और मानकों के अनुरूप उत्पाद ही बेचे जाएं।
यह प्रवर्तन अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब बाजारों में आमतौर पर त्योहारों की तैयारियों में इस्तेमाल होने वाले खोया, पनीर, क्रीम और अन्य सामग्रियों की आवाजाही में भारी वृद्धि देखी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियमित जांच विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।