Delhi दिल्ली की एक अदालत ने दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दे दी। उन पर जंतर-मंतर पर एक छात्र एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट और अन्य आरोप थे। इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई। अदालत के सूत्रों के मुताबिक, एडिशनल सेशन जज ने भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी। विस्तृत आदेश का इंतज़ार है।
भारद्वाज को 7 सितंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इससे पहले सोमवार को जज ने कहा था कि आरोपी की ज़मानत से जुड़ी सुनवाई बंद कमरे में होगी। तब उनके कोर्ट स्टाफ़ ने मीडियाकर्मियों से कोर्ट से बाहर जाने को कहा था।
भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। इससे कुछ घंटे पहले ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करके कथित मारपीट के मामले में उनकी गिरफ़्तारी की मांग की थी। यह कार्रवाई एक इंटरव्यू पर हुए हंगामे के बाद की गई, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि उन्होंने 23 जून के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र एक्टिविस्ट के पिता का "सिर फोड़ दिया था" और अपने राजनीतिक संपर्कों की वजह से गिरफ़्तारी से बच गए थे।
अगले दिन भारद्वाज को एक जज के आवास पर पेश किया गया, जिन्होंने आरोपी से एक दिन की कस्टोडियल पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस की अर्ज़ी मंज़ूर कर ली। अगले दिन, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद मौजूदा अदालत ने भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी।