DELHI दिल्ली: थाना हौज काजी इलाके में एक व्यक्ति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज था। मामले की जांच के बजाय सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (ASI) राकेश कुमार ने पीड़ित व्यक्ति से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी और धमकी दी कि यदि राशि नहीं दी गई तो उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। पीड़ित ने इस कार्रवाई की शिकायत दिल्ली पुलिस की विजिलेंस टीम से की और तय समय पर पैसे लेकर थाने पहुंच गया। जब वह ASI से मिलने बाहर आए, तो उसने नोटों की गड्डी पीड़ित से ले ली। इसी दौरान विजिलेंस टीम भी मौके पर पहुंच गई। ASI ने टीम को देखकर नोटों की गड्डी हवा में उछाल दी। इसके बाद नोट उड़ने लगे और मौके पर मौजूद लोगों में नोट लूटने की भगदड़ मच गई।
विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ASI को पकड़ लिया और नोटों को बरामद किया। इस घटना के बाद ASI के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुरुपयोग का मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि विजिलेंस टीम की सतर्कता की वजह से रिश्वत की यह रकम वापस पीड़ित को सुरक्षित मिल गई और बड़े पैमाने पर अफरातफरी टली। घटना ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों पर ध्यान आकर्षित किया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भ्रष्ट अधिकारी नहीं बख्शे जाएंगे। पीड़ित ने विजिलेंस टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उन्हें न्याय मिला।
इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि आम नागरिकों को भी अपनी शिकायतें सही जगह पहुंचाने से न्याय और सुरक्षा मिल सकती है। विजिलेंस टीम की तत्परता ने न केवल रिश्वतखोरी को उजागर किया, बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी मजबूत किया। थाने के बाहर नोट उड़ने और लोगों में भगदड़ मचने की घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी। स्थानीय लोग और मीडिया कर्मियों ने इस दृश्य को देखकर घटना का वीडियो भी बनाया। पुलिस विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ASI को निलंबित कर दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
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