Delhi दिल्ली के आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है। इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच 725 FIR दर्ज की गईं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह संख्या पिछले साल इसी अवधि में दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों से दोगुनी से भी ज़्यादा है। इस दौरान विभाग ने अवैध शराब की ढुलाई में इस्तेमाल हो रही 197 गाड़ियां ज़ब्त कीं और लगभग 2.20 लाख बोतलें बरामद कीं।
इसकी तुलना में, पिछले साल इसी अवधि में 315 FIR दर्ज की गई थीं, 312 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, 112 गाड़ियां ज़ब्त की गई थीं और लगभग 1 लाख बोतलें बरामद की गई थीं। त्योहारी सीज़न से पहले प्रवर्तन कार्रवाई में यह तेज़ी आई है। इस दौरान आबकारी विभाग शराब की अवैध बिक्री और ढुलाई के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई और तेज़ करने की योजना बना रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से दिल्ली की निकटता और शहर में प्रवेश के लगभग 70 बड़े और छोटे रास्तों की मौजूदगी के कारण यहाँ शराब की तस्करी का खतरा बना रहता है। विभाग का प्रवर्तन विंग इन रास्तों पर निगरानी रख रहा है और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है। विभाग लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकानों और प्रतिष्ठानों में नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती कर रहा है। ऐसे मामलों में सात FIR दर्ज की गई हैं और बार को सील करने, जुर्माना लगाने और अन्य कानूनी कार्यवाही जैसी कार्रवाई की गई है।
सरकार ने कहा कि वह त्योहारी सीज़न के दौरान सरकारी निगमों द्वारा संचालित खुदरा दुकानों और होटल, क्लब व रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों के माध्यम से कानूनी रूप से शराब की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (सख्त) रवैया अपना रही है और एक नई आबकारी नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपना रही है। सरकार एक नई आबकारी नीति पर भी काम कर रही है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को मज़बूत करना, शराब के कारोबार का ज़िम्मेदार नियमन सुनिश्चित करना, गुणवत्ता बनाए रखना और सरकारी राजस्व बढ़ाना है।" उन्होंने कहा, "सरकार की प्राथमिकता त्योहारों के दौरान कानूनी शराब की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि दिल्ली के निवासियों को कोई परेशानी न हो, साथ ही अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।"