नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक रैलियों और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस पार्टी को बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिली है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 17 अक्टूबर को कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। सेंट्रल दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) रोहित राजबीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक कांग्रेस के कार्यक्रम के लिए बुक रहेगा। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को जारी की NOC
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कांग्रेस पार्टी को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी गई है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि रैली के आयोजन के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया।पुलिस ने बताया कि मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बुक रहेगा। हालांकि, कांग्रेस की ओर से रैली की सटीक तारीख और कार्यक्रम के विस्तृत एजेंडे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।इस मंजूरी के बाद कांग्रेस को राष्ट्रीय राजधानी में बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे निर्धारित विरोध-प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। यह स्थान लंबे समय से राजनीतिक दलों, कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न आंदोलनकारी समूहों के विरोध-प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र रहा है।पुलिस के नए आदेश के अनुसार, अब जंतर-मंतर की जगह तीन वैकल्पिक स्थानों को धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के लिए चिह्नित किया गया है।गृह मंत्रालय द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए स्टैंडिंग ऑर्डर संख्या 48/2026 जारी किया है।
दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तय किए गए तीन नए स्थान
नई व्यवस्था के तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को आधिकारिक विरोध-प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किया गया है।रामलीला मैदान मध्य दिल्ली में स्थित है और यहां पहले भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। बुराड़ी मैदान उत्तर-पश्चिम दिल्ली में स्थित है, जबकि सीबीडी मैदान पूर्वी दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में है।प्रशासन का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराते हुए यातायात, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना है।हालांकि, इन स्थानों की दूरी और पहुंच को लेकर कुछ संगठनों ने सवाल भी उठाए हैं।
प्रदर्शन के लिए अनुमति प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण
नई व्यवस्था के तहत विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों को संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से आवश्यक अनुमति लेनी होगी।रामलीला मैदान के लिए नगर निगम ने बुकिंग और प्रदर्शन संबंधी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की है। दूसरी ओर, बुराड़ी और सीबीडी मैदानों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से विस्तृत नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी बताया गया है।इसके चलते विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति और व्यवस्थाओं में अंतर हो सकता है।
राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर जारी विवाद
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी सामने आई है। प्रदर्शनकारी संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का मुद्दा उठाया है, जबकि पुलिस प्रशासन ने निर्धारित अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन करने पर जोर दिया है।16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर टिकी नजरें
कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली की अनुमति मिलने के बाद अब पार्टी की आगामी तैयारियों पर नजरें बनी हुई हैं।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस इस रैली में किन प्रमुख मुद्दों को उठाएगी और पार्टी के कौन-कौन से वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होंगे। रैली की तारीख और कार्यक्रम की रूपरेखा घोषित होने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।रामलीला मैदान का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है। यहां विभिन्न दलों और संगठनों की बड़ी सभाएं आयोजित होती रही हैं।
दिल्ली की नई प्रदर्शन व्यवस्था की पहली बड़ी परीक्षा
जंतर-मंतर की जगह तीन नए स्थान निर्धारित किए जाने के बाद प्रशासन के सामने इन स्थलों पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती रहेगी।कांग्रेस को मिली NOC इस नई व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम का रास्ता खोलती है। अब आयोजकों और प्रशासन की ओर से रैली की तैयारियों तथा सुरक्षा इंतजामों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।