Delhi में कांग्रेस की महारैली को मिली सशर्त मंजूरी, पुलिस ने लागू किए 12 सख्त नियम
नई दिल्ली : 27 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA की महारैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली आयोजित करने के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) बरकरार है। हालांकि, आयोजकों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा सकेगी। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में कार्यक्रम की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए रखीं 12 शर्तें
दिल्ली पुलिस के मध्य जिला उपायुक्त कार्यालय ने 17 अक्टूबर को कांग्रेस को जारी पत्र में स्पष्ट किया था कि कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से रैली आयोजित करने पर कोई आपत्ति नहीं है।कांग्रेस ने पांच अक्टूबर को कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन किया था। पुलिस ने 25 अक्टूबर से तीन नवंबर तक आयोजन संबंधी तैयारियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया है।हालांकि, मैदान के इस्तेमाल के लिए संबंधित भूमि प्राधिकरण की अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा। आयोजकों को पुलिस की सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
पूरे रामलीला मैदान में लगेंगे HD CCTV कैमरे
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने आयोजन स्थल पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों, मंच, बैठने की व्यवस्था तथा आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरों से निगरानी की जाएगी।आयोजकों को रिकॉर्डिंग सुविधा के साथ अलग सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष स्थापित करना होगा। इसके अलावा निगरानी के लिए कम से कम पांच स्क्रीन की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।पुलिस का उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।
शाम 5 बजे के बाद रैली की अनुमति नहीं
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि एक नवंबर को रैली शाम पांच बजे तक समाप्त करनी होगी।आयोजकों को निर्धारित समय के भीतर कार्यक्रम पूरा करके प्रतिभागियों की वापसी सुनिश्चित करनी होगी।इसके अतिरिक्त रैली से पहले या बाद में किसी भी व्यक्ति को रामलीला मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं होगी।पुलिस ने कार्यक्रम में आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए भी नियम निर्धारित किए हैं। बसों, कारों और अन्य वाहनों को केवल यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित स्थानों पर खड़ा किया जा सकेगा।
भड़काऊ भाषण देने पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने रैली के दौरान सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भाषणों को लेकर भी शर्तें तय की हैं।किसी भी वक्ता को जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर ऐसी टिप्पणी करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे सार्वजनिक शांति प्रभावित हो।यदि कोई वक्ता भड़काऊ या धमकी भरा भाषण देता है, तो आयोजकों को तत्काल ध्वनि प्रसारण प्रणाली बंद करनी होगी और संबंधित वक्ता को मंच से हटाना होगा।इसके अलावा रामलीला मैदान से किसी अन्य स्थान की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है।
पानी, शौचालय और स्वयंसेवकों की व्यवस्था जरूरी
पुलिस ने रैली में शामिल होने वाले लोगों की सुविधाओं को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं।आयोजकों को पर्याप्त पेयजल, पानी के टैंकर और शौचालयों की व्यवस्था करनी होगी। महिलाओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराना भी अनिवार्य है।भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करनी होगी। इनकी पहचान के लिए समान पोशाक या बैज की व्यवस्था की जाएगी।इसके अलावा पुलिस को आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों, वाहनों के पंजीकरण नंबर और कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी उपलब्ध करानी होगी।
कांग्रेस ने अनुमति रोकने का लगाया था आरोप
इससे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस के माध्यम से विपक्ष के विरोध कार्यक्रमों को बाधित करने का प्रयास कर रही है।कांग्रेस का आरोप था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की जा रही है।हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि एक नवंबर की रैली के लिए जारी एनओसी रद्द नहीं की गई है। निर्धारित शर्तों के पालन के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है।
वोट चोरी' और SIR के खिलाफ विपक्ष की रैली
कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में एक नवंबर को महारैली आयोजित करने की घोषणा की है।विपक्षी दल मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं, चुनावी अनियमितता के प्रमाणित निष्कर्ष नहीं।फिलहाल दिल्ली पुलिस रैली के आयोजकों और यातायात विभाग के साथ समन्वय कर रही है। अब एक नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रमुख चुनौती होगी।