नई दिल्ली। देश में सत्ता परिवर्तन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने के आरोपों पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनावों के जरिए मौजूदा सरकार को हराना और लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास होता है और विपक्ष इसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत काम कर रहा है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन कोई नई बात नहीं है। देश में पहले भी चुनावों के माध्यम से सरकारें बदली हैं और भविष्य में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ऐसा हो सकता है।
1977 का उदाहरण देकर राजनाथ सिंह से पूछा सवाल
पवन खेड़ा ने अपने बयान में वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस समय भी देश में सत्ता परिवर्तन हुआ था और जनता ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके नई सरकार चुनी थी।कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब भारत में चुनावों के जरिए सरकार बदलने की व्यवस्था मौजूद है, तो विपक्ष की इसी मंशा को लेकर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, जनता के सामने अपनी नीतियां रखते हैं और सरकार बनाने के लिए जनसमर्थन हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में विपक्ष का मौजूदा सरकार को चुनाव में हराने का लक्ष्य रखना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है।
'वोट चोर गद्दी छोड़' अभियान का किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने कांग्रेस के 'वोट चोर गद्दी छोड़' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस अभियान के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और सरकार की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठा रही है।खेड़ा ने कहा, "हम 'वोट चोर गद्दी छोड़' नाम से एक अभियान चला रहे हैं। पूरा देश खुलकर यही कह रहा है। हम खुद भी अपने इरादे को दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है और इस व्यवस्था को बदलना है।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक मंशा को लेकर स्पष्ट है। पार्टी चुनावों के जरिए सत्ता में बदलाव चाहती है और इसके लिए जनता के बीच अपनी बात रख रही है।
राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा था।उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध की आड़ में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहा है।रक्षा मंत्री ने दावा किया कि कुछ विपक्षी नेता बांग्लादेश जैसी घटनाओं से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने का भी आरोप लगाया।
चुनाव आयोग को लेकर भी बढ़ा राजनीतिक विवाद
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न स्तरों पर विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।वहीं, भाजपा के नेताओं का कहना है कि विपक्ष चुनावी मुद्दों की आड़ में सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। इन आरोपों और जवाबी बयानों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर सियासत तेज
पवन खेड़ा के बयान के बाद सत्ता परिवर्तन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां चुनावों के जरिए सरकार बदलने को लोकतांत्रिक अधिकार बता रही है, वहीं भाजपा विपक्षी प्रदर्शनों के उद्देश्य पर सवाल उठा रही है।इस पूरे विवाद में अब चुनावी राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मौजूदा सरकार को चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से हराना चाहती है।