New Delhi नई दिल्ली : कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई राज्यों ने MGNREGA के स्थान पर लाए गए नए VBGRAMG कानून को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी का कहना है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को कमजोर करेगा और राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ाएगा।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने एकतरफा तरीके से MGNREGA को बदलने का फैसला किया है, जबकि इस पर संसद की स्थायी समिति से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श के बिना लिया गया है।
जयराम रमेश ने कहा कि नया VBGRAMG कानून वास्तव में केवल अधिक केंद्रीकरण को बढ़ावा देगा और इससे राज्यों की भूमिका सीमित हो जाएगी। उनके अनुसार, इससे राज्यों को योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस का कहना है कि MGNREGA जैसी योजना, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देती रही है, उसमें बदलाव से गरीब और ग्रामीण मजदूरों पर सीधा असर पड़ेगा। पार्टी ने दावा किया कि कई राज्य पहले ही इस नए ढांचे को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का रवैया “बदले की भावना” से प्रेरित है और वह राज्यों के साथ परामर्श की प्रक्रिया को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ हैं।
पार्टी ने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार गारंटी योजनाएं देश के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में शामिल हैं, और इनमें किसी भी बड़े बदलाव से पहले व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी है।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
इस पूरे विवाद के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में संसद और राज्यों में इस मुद्दे पर और टकराव देखने को मिल सकता है।