जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर की हालत और संगठन पर असर

Update: 2025-09-06 16:33 GMT
DELHI दिल्ली: जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से जुड़ी कई फर्जी खबरें और पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद अजहर को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा। बहावलपुर स्थित संगठन का मुख्यालय, जो उसकी ताकत का प्रतीक माना जाता था, पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस हमले ने संगठन की शक्ति और प्रतिष्ठा दोनों को गहरी चोट पहुंचाई। रिपोर्ट बताती है कि अजहर का सबसे बड़ा झटका निजी नुकसान से जुड़ा है। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए किए गए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी सहयोगी मारे गए। इनमें उसकी बहन, बहनोई और पांच बच्चे भी शामिल थे। हालांकि अजहर ने बयान दिया कि उसे अफसोस नहीं है, खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह गहराई से आहत है।
अजहर के सार्वजनिक रूप से सामने न आने से संगठन के कार्यकर्ता असमंजस में हैं। भर्ती में कमी आ रही है और नेतृत्व पुराने भाषणों व वीडियो को नया बताकर प्रसारित कर रहा है। इसके बावजूद, सदस्य लगातार सवाल उठा रहे हैं कि अजहर सामने क्यों नहीं आ रहा। आईएसआई ने पहले उसे अफगानिस्तान भेजने की कोशिश की थी, लेकिन तालिबान से रिश्ते बिगड़ने के कारण योजना विफल रही। बाद में उसे सेना के संरक्षण में रावलपिंडी में रखा गया। बीमारी की स्थिति में उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। खुफिया अधिकारियों का मानना है कि अजहर अब भी पाकिस्तान की "महत्वपूर्ण संपत्ति" है। आईएसआई और पाकिस्तानी सेना उसकी सुरक्षा कर रहे हैं क्योंकि अजहर के बिना जैश-ए-मोहम्मद लगभग निष्क्रिय है। लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के बाद अजहर ही सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। भारतीय एजेंसियां उस पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उन्हें आशंका है कि वह समय के साथ फिर सक्रिय होगा।
Tags:    

Similar News