Education मंत्री इस्तीफा मांग पर अड़ा CJP आंदोलन

Update: 2026-07-22 09:34 GMT

Delhi दिल्ली :  शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले करीब दो महीने से जारी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। संगठन ने कहा है कि अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे खुद पहल करनी होगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार को पहले अपना रवैया बदलना होगा और बातचीत के लिए खुद प्रदर्शन स्थल पर आना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगर वास्तव में छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत करनी चाहिए।

CJP नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़ना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि संगठन की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल सरकार के पास नहीं जाएगा। उनका कहना है कि बातचीत तभी होगी जब सरकार उनकी शर्तों को स्वीकार करेगी और छात्रों की मांगों पर गंभीरता दिखाएगी।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संगठन किसी मंत्री या अधिकारी के कार्यालय में जाकर बातचीत नहीं करेगा। बातचीत के लिए जंतर-मंतर जैसे खुले स्थान को चुना जाना चाहिए, जहां छात्र और आम लोग भी मौजूद रह सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर संगठन कायम है।

वहीं, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने वहां जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रतिनिधियों को पहले भी घंटों इंतजार कराया गया और उनका समय भी महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने सरकार से कहा है कि अगर बातचीत करनी है तो वह छात्रों के बीच आकर अपनी बात रखे।

दूसरी ओर, सरकार ने भी बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अगर प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आगे आते हैं तो सरकार उनसे चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच जारी बयानबाजी के कारण स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का दूसरा दौर होने की संभावना है।

इस बीच CJP नेता अभिजीत दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ बातचीत का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि बातचीत के लिए बुलाए गए प्रतिनिधिमंडल के साथ सही व्यवहार नहीं किया गया।

दीपके ने आरोप लगाया कि संगठन के प्रतिनिधियों को बातचीत के दौरान कई घंटों तक इंतजार कराया गया और उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए। उन्होंने दावा किया कि CJP प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरव दास को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर करीब पांच घंटे तक नजरबंद जैसी स्थिति में रखा गया।

हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल छात्रों का आंदोलन और सरकार के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध जारी है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारी किस तरह इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करते हैं। जहां छात्र संगठन अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कह रही है।

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