नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।गृह सचिव ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद CJP और उसके समर्थक राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचने का प्रयास कर सकते हैं। इस संभावना को देखते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा की अनुमति से संबंधित आवेदन खारिज कर दिया है। इसके बावजूद प्रदर्शन के लिए लोगों के एकत्र होने की संभावना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से किया इनकार
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP की प्रस्तावित सभा को अनुमति नहीं दी है। पुलिस की ओर से 9 अक्टूबर को जारी आदेश में प्रदर्शन की अनुमति के अनुरोध को खारिज कर दिया गया।इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा संबंधी निर्देश भेजे गए हैं।गृह सचिव के पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित कार्यक्रम से राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो सकती हैं।पत्र में दिल्ली पुलिस के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया कि प्रस्तावित सभा पर रोक लगाई गई है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति खारिज किए जाने के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र भेजकर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा है कि संबंधित पुलिस अधिकारी दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों का सामना किया जा सके।पत्र में सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने पर जोर दिया गया है।गृह सचिव ने विशेष रूप से उस संभावना की ओर ध्यान दिलाया है कि प्रदर्शन की अनुमति खारिज होने के बाद भी समर्थक दिल्ली में प्रवेश करने का प्रयास कर सकते हैं।इस स्थिति को देखते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
गृह सचिव के पत्र में क्या कहा गया?
गृह सचिव गोविंद मोहन के पत्र में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से संबंधित सुरक्षा चिंताओं का उल्लेख किया गया है।पत्र में कहा गया है कि नई दिल्ली में प्रस्तावित बड़े पैमाने पर लोगों के एकत्र होने की घटना से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं।इसमें 9 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए बताया गया कि CJP के आवेदन को खारिज कर दिया गया है।पत्र के अनुसार, अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन के समर्थकों के दिल्ली पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दिल्ली पुलिस ने बताया अनुमति नहीं देने का कारण
दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि CJP की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी।पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना आवश्यक है। CJP की ओर से 7 अक्टूबर को आवेदन दिया गया था, जबकि प्रदर्शन 10 अक्टूबर को प्रस्तावित था।पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन ने पहले अनुमति मिलने पर निर्धारित निर्देशों और अपने लिखित आश्वासनों का पालन नहीं किया था।इन कारणों के साथ सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए अनुमति नहीं दी गई।
नई दिल्ली में धारा 163 के तहत प्रतिबंध
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश लागू हैं।इन आदेशों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।वहीं, CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रदर्शन की अनुमति खारिज करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है और पुलिस की जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा यातायात और कानून-व्यवस्था संभालना है।
दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भेजा है।पुलिस ने 9 अक्टूबर की रात से 10 अक्टूबर तक संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए एहतियाती व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।प्रस्तावित प्रतिबंधों में राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, जनपथ, नई दिल्ली और मंडी हाउस सहित कई स्टेशन शामिल हैं।हालांकि, पुलिस का प्रस्ताव अपने आप में इस बात की पुष्टि नहीं करता कि सभी 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। अंतिम व्यवस्था संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
प्रदर्शन को लेकर राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।जंतर-मंतर और संसद की ओर जाने वाली सड़कों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।सुरक्षा तैयारियों के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां भी दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराई गई हैं।अधिकारियों का उद्देश्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। CJP ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं, हालांकि उसके आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।प्रस्तावित प्रदर्शन में अन्य छात्र संगठनों की भागीदारी की भी जानकारी सामने आई है।
10 अक्टूबर को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती
दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति खारिज किए जाने के बाद केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।पत्र में दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया गया है।एक ओर पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर CJP के प्रतिनिधियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है।अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली और अन्य राज्यों की पुलिस की सुरक्षा तैयारियों पर ध्यान केंद्रित है।
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