Chandigarh चंडीगढ़। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने निलंबित DIG, रोपड़ रेंज, हर्चरण सिंह भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित आवास पर दूसरी बार छापा मारा। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की जा रही है। भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम ने भुल्लर के घर पर दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संभावित सबूत एकत्र किए। इस छापेमारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित और रिकॉर्ड किए जाएं।
CBI अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच अभी भी जारी और संवेदनशील है। जांच एजेंसी विभिन्न दस्तावेज़ों, लेनदेन और अधिकारियों के बयान जुटाकर संपूर्ण मामला स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है। भुल्लर के खिलाफ दायर मामले में साक्ष्य जुटाने और जांच की गति तेज करने के लिए यह छापेमारी की गई। भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद, CBI ने मामले की गहनता से जांच शुरू की और यह सुनिश्चित किया कि सभी संभावित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के पैटर्न सामने आएं। छापेमारी के दौरान CBI ने भुल्लर से जुड़े कई आर्थिक और प्रशासनिक दस्तावेजों की जांच की।
इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी को भी संरक्षण नहीं मिलेगा, चाहे वह उच्च पदस्थ अधिकारी ही क्यों न हो। CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव या प्रभाव शामिल नहीं है और सभी प्रक्रियाएं कानूनी दायरे में रहकर पूरी की जा रही हैं। भुल्लर के खिलाफ रिश्वत लेने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। CBI ने यह सुनिश्चित किया कि मामले में शामिल सभी डिजिटल और दस्तावेज़ी साक्ष्य एकत्रित किए जाएं, ताकि अदालत में मजबूत मामला प्रस्तुत किया जा सके। .
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की दूसरी छापेमारी से यह संदेश भी जाता है कि CBI संपूर्ण और गहन जांच कर रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि केंद्रीय जांच एजेंसी उच्च स्तरीय अधिकारियों की भी जांच करने में सक्षम है। भुल्लर के खिलाफ चल रही CBI की जांच में अब तक कई महत्वपूर्ण सुराग और सबूत सामने आए हैं। अब यह देखना होगा कि आगे की जांच में और किन नए पहलुओं का खुलासा होता है।