नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में उनके जनसेवा के 25 वर्षों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस अवसर को खास बनाने के लिए पार्टी प्रधानमंत्री मोदी की जन्मस्थली गुजरात के वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक विशेष यात्रा निकालने की योजना बना रही है। इसके साथ ही दूसरी यात्रा वाराणसी से वडनगर तक निकाली जाएगी। दोनों यात्राओं के मार्ग और कार्यक्रम को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही इनके रूट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। भाजपा हर साल उनके जन्मदिन के आसपास विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित करती रही है। इस बार आयोजन को उनके शासन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा जा रहा है। नरेंद्र मोदी अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद मई 2014 से वह देश के प्रधानमंत्री हैं। इस तरह 2026 में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी सरकार के नेतृत्व की यात्रा के 25 साल पूरे हो रहे हैं।

भाजपा इसी राजनीतिक और सार्वजनिक यात्रा को लोगों के सामने रखने की तैयारी कर रही है। वडनगर और वाराणसी को जोड़ने वाली प्रस्तावित यात्राओं के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर के दो महत्वपूर्ण केंद्रों को एक साथ जोड़ने की कोशिश होगी। वडनगर उनकी जन्मस्थली है जबकि वाराणसी से वह लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पार्टी की योजना के मुताबिक एक यात्रा वडनगर से शुरू होकर वाराणसी पहुंचेगी। दूसरी यात्रा वाराणसी से शुरू होकर वडनगर तक जाएगी। हालांकि यात्राएं किन-किन राज्यों, शहरों और जिलों से होकर गुजरेंगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भाजपा संगठन की ओर से मार्ग निर्धारित करने पर काम किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।

इन यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल से जुड़ी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की योजना भी बनाई जा सकती है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के तौर पर केंद्र सरकार की योजनाओं और फैसलों को कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के सामने रखा जा सकता है।

भाजपा के लिए प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन लंबे समय से केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा है। पार्टी इसे सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के रूप में मनाती रही है। रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता अभियान, जरूरतमंदों की सहायता और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इस बार 25 वर्षों का विशेष अवसर होने के कारण कार्यक्रमों का दायरा और बड़ा हो सकता है।

वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गुजरात भाजपा के सबसे मजबूत राज्यों में से एक है और प्रधानमंत्री मोदी का लंबा राजनीतिक सफर इसी राज्य से जुड़ा रहा है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी 2014 से वाराणसी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

ऐसे में वडनगर से वाराणसी को जोड़ने वाली यात्रा को प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत और राजनीतिक सफर के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। एक तरफ उनके जन्म और शुरुआती जीवन से जुड़ा वडनगर होगा तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजनीति में उनकी संसदीय पहचान से जुड़ा वाराणसी होगा।

यात्राओं के मार्ग में आने वाले विभिन्न स्थानों पर भाजपा की स्थानीय इकाइयों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ता स्वागत कार्यक्रम, जनसभाएं और सेवा से जुड़े आयोजन कर सकते हैं। इसके जरिए भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की कोशिश भी कर सकती है।

यह आयोजन ऐसे समय में भी महत्वपूर्ण होगा जब देश के विभिन्न राज्यों में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लगातार अपनी चुनावी रणनीति के प्रमुख हिस्से के रूप में प्रस्तुत करती रही है। ऐसे में जनसेवा के 25 वर्षों का अभियान पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार की कमान संभाली थी। वह 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने पर नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने। 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। भाजपा उनके इस लंबे शासनकाल को विकास और जनसेवा की निरंतर यात्रा के रूप में प्रस्तुत करती रही है।

प्रस्तावित यात्राओं के दौरान इसी 25 साल के सफर को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है। अलग-अलग पड़ावों पर केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और अन्य उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा सकता है।

फिलहाल भाजपा की ओर से दोनों यात्राओं के विस्तृत मार्ग को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। रूट तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि यात्राएं किन राज्यों से होकर गुजरेंगी और इनके दौरान किस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सरकार के नेतृत्व में 25 वर्षों को लेकर भाजपा की यह योजना पार्टी के बड़े अभियानों में शामिल हो सकती है। वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक प्रस्तावित यात्राओं के जरिए पार्टी प्रधानमंत्री के राजनीतिक सफर को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। अब नजर भाजपा की ओर से यात्राओं के अंतिम रूट और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा पर रहेगी।

 

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