नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जारी विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के नाम पर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य जनता के बीच गलत धारणा बनाना, अशांति पैदा करना और मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया।
एनवी सुभाष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन के नेता दिल्ली की सड़कों पर जिस तरह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन दिल्ली की सड़कों पर हंगामा, ड्रामा, इवेंट मैनेजमेंट और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस तरह से अशांति फैलाने और देश की जनता के बीच गलत नैरेटिव बनाने की निंदा करती है।"
उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने इन कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य रिकॉर्ड को अद्यतन करना और नियमानुसार मतदाताओं का सत्यापन करना है। दूसरी ओर विपक्ष इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनाए जा रहे तरीकों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ गलत माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध के नाम पर जनता के बीच भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस तरह की गतिविधियों की निंदा करती है। सुभाष के अनुसार, कांग्रेस और INDIA गठबंधन को जनता के सामने अपने मुद्दों और नीतियों को स्पष्ट रूप से रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करके राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहा है।दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 6 अक्टूबर से जारी हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था।
इसके बाद विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। कई घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन रोकने का आरोप लगाया।बुधवार, 7 अक्टूबर को भी विपक्षी दलों ने अपना विरोध जारी रखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित बैठक के बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया और अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया।गुरुवार को लगातार तीसरे दिन विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई विपक्षी नेता कनॉट प्लेस में आयोजित लंच बैठक में शामिल हुए। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राजघाट की ओर मार्च किया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।इस बीच भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं ने भी विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की है। भाजपा ने कांग्रेस पर चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक विवाद पैदा कर रहा है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के तरीके की आलोचना की थी। भाजपा नेताओं ने कहा था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसलों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
राहुल गांधी ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर राजनीतिक पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं और संबंधित दावों की स्वतंत्र जांच तथा कानूनी प्रक्रियाओं का अपना महत्व है।दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना दिया है। एक ओर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इन प्रदर्शनों को राजनीतिक प्रचार और गलत धारणा फैलाने का प्रयास बता रही है।
भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने दोहराया कि उनकी पार्टी विपक्ष द्वारा कथित रूप से अशांति फैलाने और जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाने की कोशिशों की निंदा करती है। उन्होंने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर राजनीतिक प्रदर्शन के माध्यम से मीडिया का ध्यान खींचने का आरोप लगाया।फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी है। भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दे बने हुए हैं।