'इंडिया' (INDIA) गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी के बीच, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबिन ने गुरुवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। नबिन ने सबसे पहले पार्टी मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिवों की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें संगठनात्मक मामलों, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और कार्ययोजना पर बातचीत हुई।
इसके बाद उन्होंने एक और बैठक की, जिसमें शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू और अश्विनी वैष्णव सहित कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी भी इस बैठक में मौजूद थीं। ये बैठकें उस समय हुई हैं, जब 'इंडिया' गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक रैली करने की तैयारी कर रहा है। इस रैली का उद्देश्य चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध जताना है।
मंत्रियों के साथ हुई बैठक में किन खास मुद्दों पर चर्चा हुई, इस बारे में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, माना जा रहा है कि इसमें 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के लगातार चल रहे अभियान और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा हुई। इन बैठकों के जरिए भाजपा ने अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक तैयारियों को एक साथ साधा; नबिन ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करने से पहले राष्ट्रीय महासचिवों के साथ पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों पर चर्चा की।
बाद में, भाजपा अध्यक्ष ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए इस संगठनात्मक बैठक की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, "आज भाजपा मुख्यालय में मैंने राष्ट्रीय महासचिवों के साथ बैठक की और आगामी कार्ययोजना तथा संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।" ये बैठकें काफी अहम हैं क्योंकि 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का मुद्दा अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रहकर बड़े पैमाने पर जन-जुड़ाव की ओर बढ़ रहा है। 'इंडिया' गठबंधन की 1 नवंबर की रैली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा दिल्ली में उनके अभियान के केंद्र में रहने की उम्मीद है। भाजपा के लिए, गुरुवार को हुई ये चर्चाएं विपक्ष के अभियान का जवाब देने की तैयारी का हिस्सा थीं। साथ ही, पार्टी नेतृत्व अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों और कार्ययोजना को लेकर भी लगातार काम कर रहा है।
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