BIRC 2025 में भारत की चावल निर्यात क्षमता और वैश्विक विस्तार पर जोर

Update: 2025-10-24 17:48 GMT
Delhi दिल्ली: भारत की चावल निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित Bharat International Rice Conference (BIRC) 2025 को लेकर Indian Rice Exporters Federation (IREF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और Shri Lal Mahal Group के चेयरमैन प्रीम गर्ग ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि "हमारा देश दुनिया में सबसे अधिक चावल उत्पादक बन चुका है और चीन को पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में भारत का वैश्विक निर्यात में 40% हिस्सा है और हमारा लक्ष्य इसे 55% से 60% तक बढ़ाना है। प्रीम गर्ग ने बताया कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के 80 देशों के खरीदार हिस्सा लेंगे और लगभग 2500 विभिन्न राज्यों के स्टेकहोल्डर इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से उन देशों को आमंत्रित किया गया है, जिनका भारत से चावल का निर्यात सबसे कम है, ताकि निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।
उन्होंने विस्तार से बताया कि इस सम्मेलन में मुख्य रूप से ईरान, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देशों की मांग को पूरा करने और बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। प्रीम गर्ग ने कहा, "हमारा उद्देश्य ईरान की 100% चावल की आवश्यकता पूरी करना है और सऊदी अरब, मिस्र में भी हमारी हिस्सेदारी बढ़ाना है। प्रीम गर्ग ने यह भी बताया कि सम्मेलन में चावल में पाए जाने वाले कीटनाशकों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह कदम भारतीय चावल की गुणवत्ता और वैश्विक मानकों के अनुरूप निर्यात सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि निवेशक और व्यापारी 5 देशों से आएंगे, जिनमें घाना, फिलीपींस, लाइबेरिया, म्यांमार, सिएरा लियोन और बुर्किना फासो शामिल हैं। सम्मेलन में भारत की लगभग 15-17 प्रमुख चावल किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे खरीदारों और निवेशकों को भारतीय चावल की विविधता और गुणवत्ता का अनुभव मिलेगा। प्रीम गर्ग ने जोर दिया कि BIRC 2025 केवल एक व्यापारिक मंच नहीं है, बल्कि यह भारतीय चावल निर्यातकों, किसानों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए वैश्विक व्यापार और निवेश के अवसरों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से निर्यातकों को नई तकनीक, वैश्विक मांग और गुणवत्ता नियंत्रण के बारे में जानकारी मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत की कृषि निर्यात छवि को मजबूत करते हैं और वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस सम्मेलन से छोटे और बड़े निर्यातक दोनों को लाभ मिलेगा और किसानों को भी बेहतर मूल्य और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन का मार्गदर्शन मिलेगा। कुल मिलाकर, BIRC 2025 भारत के चावल उद्योग के लिए वैश्विक विस्तार और निर्यात बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। प्रीम गर्ग के अनुसार, यह सम्मेलन भारत की चावल उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता का प्रदर्शन करने के साथ-साथ निवेशकों और व्यापारियों को जोड़ने का एक बड़ा मंच होगा।
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