नई दिल्ली/पटना: बिहार में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 राइफल के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने सोमवार को इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कड़ा हमला बोला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला बिहार के सिवान जिले में 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित रूप से AK-47 राइफल के साथ प्रदर्शन स्थल पर देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है।
सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा ने बताया कि घटना के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग और हथियारों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी परिस्थिति में गोली नहीं चलाई जानी चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम के तथ्यों का पता लगाया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में एक पोस्ट कर आरोप लगाया कि छात्रों के प्रति व्यवस्था का रवैया कठोर और दमनकारी हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से AK-47 से फायरिंग की खबरें सामने आई हैं और बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर माफी मांगने और छात्रों पर कथित हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, इस घटना को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताया, जबकि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए थे।
बताया जा रहा है कि छात्र किसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसी दौरान वायरल वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मी के हाथ में AK-47 दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
पुलिस विभाग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जवान के खिलाफ प्रारंभिक कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में अगर किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए और किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई से बचना चाहिए।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। ऐसे में छात्रों से जुड़ा यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। वायरल वीडियो, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन की परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।