नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार, 22 सितंबर को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य देश में मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाई गई रणनीतियों की समीक्षा करना और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करना है।यह सम्मेलन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से 22 और 23 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ANTF के प्रमुखों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ पर रहेगा फोकस
गृह मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य **‘नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-2029) पर विजन डॉक्यूमेंट’** में तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना है।इस दौरान देश में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने, जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी।विजन डॉक्यूमेंट में आने वाले वर्षों के लिए नारकोटिक्स नियंत्रण से जुड़ी रणनीति और प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होगी भागीदारी
सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की भागीदारी होगी। ANTF राज्यों में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की निगरानी और कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस बैठक के जरिए विभिन्न राज्यों में चल रही कार्रवाई, चुनौतियों और बेहतर कार्यप्रणाली को साझा किया जाएगा।
ड्रग्स के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर जोर
मादक पदार्थों की तस्करी एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समस्या मानी जाती है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है।सम्मेलन में जांच एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, तकनीक के इस्तेमाल और तस्करी के नए तरीकों से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
युवाओं को नशे के खतरे से बचाने पर ध्यान
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन आने वाली पीढ़ियों को नशे के खतरे से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।मादक पदार्थों का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए सरकार की ओर से रोकथाम, जागरूकता और सख्त कार्रवाई पर जोर दिया जाता रहा है।
NCB की भूमिका महत्वपूर्ण
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो देश में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की जांच और रोकथाम के लिए प्रमुख एजेंसी है। NCB राज्यों की एजेंसियों के साथ मिलकर ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती है।इस सम्मेलन के माध्यम से NCB और राज्य स्तरीय एजेंसियों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
ड्रग तस्करी के बदलते तरीकों पर चर्चा
समय के साथ मादक पदार्थों की तस्करी के तरीके भी बदल रहे हैं। डिजिटल माध्यमों, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और नए रास्तों के जरिए तस्करी की कोशिशें सामने आती रही हैं।ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई तकनीक और बेहतर रणनीति के साथ काम करना जरूरी हो जाता है। सम्मेलन में इन चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य- नशा मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ना
केंद्र सरकार लंबे समय से नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। सरकार का लक्ष्य देश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।ANTF प्रमुखों का यह सम्मेलन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दो दिनों तक चलेगा सम्मेलन
22 और 23 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें राज्यों के अनुभव, चुनौतियां और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।अधिकारियों के अनुसार, सम्मेलन से प्राप्त सुझावों के आधार पर आने वाले वर्षों में नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में केंद्र, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल को अहम माना जा रहा है। इस सम्मेलन के जरिए इसी समन्वय को बढ़ाने और देश में ड्रग्स के खतरे को कम करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
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